राज्यसभा में नहीं रख सके बात
सांसद रामजीलाल सुमन ने कहा कि परंपरा है कि सदन में जब किसी सदस्य का नाम लेते हैं तो उसे अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाता है। राज्यसभा के सभापति ने बोलने के लिए मेरा नाम पुकारा लेकिन उस समय सदन बहुत अव्यवस्थित था इसलिए मैं अपनी बात नहीं रख सका। राणा सांगा को लेकर दिए गए बयान पर सुमन ने कहा कि बहुत कुछ कह चुका हूं अब जो कहूंगा, सदन में ही कहूंगा।