मैनपुरी। अगर चांद 24 को दिखा तो माह-ए-रमजान का पहला रोजा 25 अप्रैल को होगा। हालांकि इस बार लॉकडाउन के चलते इस रमजान का माहौल भी बदला-बदला होगा। न मुस्लिम इलाकों में पहल-पहल होगी और न ही मस्जिदों में नमाजी नजर आएंगे। इस बार नमाज और तरावीह मस्जिदों में नहीं घरों में ही अदा की जाएंगी। लॉकडाउन के चलते बहुत ही सादा तरीके से तैयारियां शुरू कर दी हैं। बाजार बंद होने के कारण सामान नहीं मिलने की वजह से इस बार के दस्तरख्वान पर लजीज डिश बहुत ही कम नजर आएंगी।
मोहल्ला छपट्टी स्थित एक परिवार में रमजान माह को लेकर उत्साह देखने को मिला। बुधवार की दोपहर परिवार के लोग एक साथ बैठक कर रमजान की तैयारियों पर चर्चा करते नजर आए। परिवार के शाहरुख सिद्दीकी, असफाक सिद्दीकी, शाहनवाज सिद्ृदीकी, बबलू सिद्दीकी, आरिफ रंगरेज, जाकिर राइन का कहना है इस बार तो घरों में ही इबादत की जाएगी। पूरा परिवार सहरी और इफ्तार करेगा।
दृश्य-दो
मुस्लिम बस्ती महमूदनगर में रमजान की तैयारियां शुरू हो गई हैं। सुल्ताना बेगम के साथ गुलवशर, सोनम तैयारियों में जुटी रहीं। सुल्ताना बेगम का कहना है बाजार खुलेगा नहीं। परिवार के लोग रोजे रखेंगे। सहरी और इफ्तार के लिए घर में ही तैयारी की जा रही है। उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि रोजा रखें, लेकिन लॉकडाउन के नियमों का पालन करें।
पूरे देश में लॉकडाउन चल रहा है। रमजान माह में घर पर ही नमाज पढ़ें। नमाज पढ़ते समय सामाजिक दूरी का पालन जरूर करें। इफ्तार पार्टी न करें।
हाशिम जमाल साबरी, सज्जादानशीन छोटी खानकाह
लॉकडाउन में मस्जिदों में जाने से परहेज किया जाए। मुस्लिम समाज के लोग घर पर ही इबादत करके नमाज अदा करें। लॉकडाउन का पालन करके घरों से न निकलें।
शाहनवाज साबरी बंटू, सज्जादानशीन दरगाह साबरी बाग
मुस्लिम समाज के लोगों से अपील है कि रमजान में सामाजिक दूरी का पालन करें। लॉकडाउन में सहयोग करके जिम्मेदार नागरिक का परिचय दें। जरूरी सामान की होम डिलीवरी कराई जाएगी। किसी को कोई परेशानी हो तो वह कंट्रोल रूम में फोन करे। हर समस्या का समाधान किया जाएगा।
महेंद्र बहादुर सिंह, डीएम।