कासगंज। रामलीला आयोजन के लिए रामलीला कमेटियों को गाइडलाइन का काफी दिनों से इंतजार था। अब गाइडलाइन आ गई है, लेकिन यह काफी सख्त है। इसके चलते आयोजक भीड़ नहीं जुटा सकते। ऐसी स्थिति में इस परंपरागत को कैसे जारी रखा जाए, इससे आयोजक परेशान हैं। रामलीला कमेटी ने बैठक करके इस बारे में रणनीति बनाई।
रामलीला के आयोजन की तैयारियां काफी समय पूर्व से ही शुरू हो जाती थीं। अभी तक किसी भी रामलीला कमेटी ने कलाकारों की मंडली बुक नहीं की हैं। अभी तक गाइडलाइन का इंतजार था। अब गाइडलाइन आई है तो वे आयोजन की रणनीति की तैयारी में जुटे हैं।
रामलीला के आयोजनों एवं दशहरा पर काफी भीड़ जुटती आई है, लेकिन कोरोना की गाइडलाइन में 100 से अधिक लोगों की भीड़ जुटाना मुसीबत का कारण बन सकती है। सभी कमेटियों के सामने गाइडलाइन के मुताबिक आयोजन करना बड़ी चुनौती बना हुआ है। राम बरात, चट्टा यात्रा और राज्याभिषेक यात्राओं के आयोजन पर भी प्रतिबंध है।
क्या कहते हैं आयोजक
- सरकार ने रामलीला आयोजन के लिए गाइडलाइन जारी की है। बड़ा आयोजन होता है। शहर के ही नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों के लोग भी रामलीला देखने पहुंचते हैं। ऐसे में 100 दर्शकों की सीमा में आयोजन कराना मुश्किल है। गाइडलाइन के मुताबिक आयोजन करने के लिए रणनीति तैयार की जाएगी।
- अखिलेश अग्रवाल, संरक्षक, रामलीला कमेटी।
- रामलीला का आयोजन वर्षों से होता आया है, लेकिन कोरोना के प्रतिबंधों के कारण आयोजन कैसे किया जाए। इस पर मंथन हो रहा है। यह वर्षों पुरानी परंपरा है। आयोजन भी आवश्यक है। नियमों की अवहेलना भी नहीं कर सकते। प्रशासन से भी मार्गदर्शन लेंगे। पूरी रणनीति बनाकर आयोजन किया जाएगा।
- दुष्यंत वशिष्ठ, अध्यक्ष, रामलीला कमेटी।