मैनपुरी। रामलीला मैदान में चल रही रामलीला में शुक्रवार रात राम वन गमन के साथ ही केवट संवाद, दशरथ मरण और चित्रकूट में भरत मिलाप की लीला का मंचन हुआ। वन गमन यात्रा का शुभारंभ भीमसेन मंदिर से किया गया।
शुक्रवार की शाम भीमसेन मंदिर से पंडित शील नामाचार्य और कमेटी अध्यक्ष महेशचंद्र अग्निहोत्री, उपाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया, अशोक गुप्ता पप्पू, कोषाध्यक्ष बीनू बंसल, उमेश चंद्र दुबे ने भगवान राम के स्वरूप की आरती उतारकर किया। वनगमन पदयात्रा भीमसेन मंदिर से शुरू होकर मुकुट बिहारी रोड होती हुई करहल रोड होकर बजाजा बाजार होती हुई कटरा मोहल्ले में विजय कुमार सराफ के आवास पर पहुंची। रामजी को 14 वर्ष का वनवास पर जाते देखते ही नगरवासियों की आंखों में आंसू और मन बहुत ही द्रवित था।
राम वन में जब गंगा के तट पर पहुंचते हैं तो वहां उनकी भेंट केवट मल्लाह से होती है। वह भगवान राम को पहचान जाता है और गंगा पार कराने से पहले उनके चरणों को धोकर अपना परलोक सुधार लेता है। इधर अयोध्या में राम, लक्ष्मण और सीता के वियोग में राजा दशरथ अपने प्राण त्याग देते हैं। ननिहाल में राजकुमार भरत को इसकी सूचना दी जाती है। भरत शत्रुघ्न के साथ अयोध्या पहुंचते हैं तब उनको माता कैकेयी द्वारा मांगे गए दो वरदानों राम के वनवास और भरत को राजगददी के बारे में मालूम पड़ता है। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्तजन मौजूद रहे।
राम के वन जाते ही भावुक हुए भक्त
कुरावली। श्री रामलीला कमेटी के तत्वाधान में चल रही रामलीला में रामलीला मंच पर राम वनवास लीला का मंचन किया गया। अयोध्या की रामलीला कंपनी के कलाकारों द्वारा रामलीला का मंचन किया गया। इस अवसर पर रामलीला कमेटी अध्यक्ष धर्मेंद्र वर्मा, भानुप्रकाश वर्मा, सत्यप्रकाश गुप्ता, पिंटू गुप्ता, राजू पाटिल, अवधेश गुप्ता, हिमांशु गुप्ता, संतोष सविता मौजूद रहे।
केवट संवाद सुन दर्शक हुए मंत्रमुग्ध
बेवर। जय श्रीरामलीला कमेटी के तत्वावधान में चल रही रामलीला में शुक्रवार को राम वन गमन व नौका लीला का मंचन किया गया। यहां कलाकारों का जीवंत अभिनय देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। रामलीला मंचन में माता कैकेई के आदेश पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम, सीता, लक्ष्मण समेत वन गए।
नदी के घाट पर खड़े भगवान राम, लक्ष्मण व सीता को केवट ने उतराई के रूप में चरण धूल लेकर मुक्ति पाई। केवट संवाद सुनकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। पंडित राजेश चतुर्वेदी, कुंदनलाल, शिवकुमार, भैयालाल दीक्षित, मेला कमेटी अध्यक्ष रवीकांत तिवारी मौजूद रहे।