वात्सल्य ग्राम में रामदेव, साध्वी ऋतम्भरा व अन्य
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योग गुरु रामदेव ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 व 35 ए हटाने व केंद्र शासित प्रदेश बनाने का ऐतिहासिक फैसला केंद्र सरकार का साहसिक कदम है। अब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का भारत में विलय कैसे हो यह अगला चरण होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक क्षेत्रों में प्रगति हो ताकि भारत की अर्थव्यवस्था अमेरिका, चीन, जापान देशों से बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बनकर रहेगा। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार है।
बाबा रामदेव बुधवार की शाम वृंदावन के वात्सल्य ग्राम पहुंचे। उन्होंने यहां साध्वी ऋतम्भरा से मुलाकात की। इसके पूर्व रमणरेती आश्रम में आयोजित विभिन्न समुदाय के संत, महात्मा और सिख गुरुओं के संगम में हिस्सा लिया।
'गुरु के दरबार में सब एक हैं'
संत समागम में साधु-संत
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रामदेव ने कहा कि वेदवाणी और गुरुवाणी में कोई भेद नहीं है। हम आज भी जाति पात के पथ पर भेदभाव करते हैं, लेकिन गुरु के दरबार में ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि गुरु नानक जितने सिखों के हैं उतने ही वैष्णव व अन्य समुदाय के हैं।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान हर बार नापाक हरकतेें करता रहा है। उसकी दोनों देशों को बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है, लेकिन पहली बार पाकिस्तान ने करतारपुर साहिब गुरुद्वारा के लिए कॉरिडोर बनाकर पाक हरकत की है। आज भी लोग घृणा फैलाने का काम कर रहे हैं। घृणा फैलाने पर ही बगदादी मारा गया।
खालसा अकाल तख्त के सातवें ग्रंथी गुरुवचन सिंह ने कहा कि गुरुद्वारे सबके हैं। वहां गुरुनानक साहब के दिए हुए संदेश व बातें हर वर्ग, हर समाज के लिए उपयोगी व कल्याणकारी हैं। पंजाब से आए संत हरनाम ने कहा कि गुरुवाणी में ऋषि मुनियों की परंपरा समाहित है। यह समाज का मार्गदर्शन करता है।