माह-ए-रमजान में जगह-जगह तरावीह और शबीना हो रहे हैं, लेकिन आगरा में गुड़ की मंडी का शबीना गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल है। शनिवार की रात पांच दिन का शबीना पूरा होने पर सड़क पर मुस्लिम समाज के लोगों ने तरावीह पढ़ीं तो हिंदुओं ने सड़क रोककर सुरक्षा का जिम्मा उठाया। टीन के गिरिजाघर में रोजेदारों ने वजू किया। शबीना के बाद अमनोअमान की दुआ मांगी गई।
रमजान माह का चांद दिखते ही शहर की मस्जिदों में तरावीह शुरू हो गई। यूं तो लगभग सभी मस्जिदों में रोजेदार तरावीह पढ़ रहे हैं, लेकिन गुड़ की मंडी में रमजान का चांद होने के साथ ही तरावीह शुरू होती है। यहां सड़क पर तरावीह पढ़ाई जाती हैं। इसमें सैकड़ों मुसलमान कुरान सुनने के लिए आते हैं। पांच दिन चला यह शबीना शनिवार को पूरा हो गया।
शबीना में कुरान को हाफिज हिसाम उद्दीन उर्फ मुन्ना ने सुनाया। शबीना कराने वाले सैयद इरफान सलीम ने बताया कि हर बार पांच दिन का शबीना होता है। इसमें मुस्लिमों के अलावा हिंदू और ईसाई भी मदद करते हैं। हॉस्पिटल रोड पर बने सेंट जोंस चर्च कैंपस में हजारों लोगों के वजू का इंतजाम किया जाता है।
हिंदुओं ने की साफ सफाई
बाजार के हिंदू भाई गुड़ की मंडी बाजार की साफ-सफाई में मदद करते हैं। जब तरावीह शुरू हो जाती हैं तो चौराहा और आवागमन के रास्ते को रोककर खड़े हो जाते हैं, ताकि कोई खलल न पड़े। समी आगाई ने बताया कि यहां हरेक जाति और धर्म के लोग एकजुट होकर शबीना पूरा होने तक हिफाजत करते हैं। हर संभव मदद करते हैं।
इस मौके पर सिनवान अहमद शाह, नजीर अहमद, शमीम शाह, मेहराज अहमद, अजमल अली शाह, डॉ. सिराज कुरैशी, सैयद नईम अहमद, असद अली, सैयद अशफाक इरफानी, डॉ. रामबाबू हरित, रोनी नेल्सन, रफत उल्ला, रवि अरोड़ा, पार्षद प्रवीन जैन, आकाश जैन, रवि जैन, होली जैन, जयदीप, एरन एंड्रूज, हाजी जाहिद, बंटी भाई, सुभाष भिलावली आदि मौजूद रहे।