भाई-बहन के प्रेम का त्यौहार माना जाना वाला पर्व रक्षाबंधन श्रावण पूर्णिमा को मनाया जाएगा। यह तिथि आगामी सात अगस्त को पड़ रही है। लेकिन भारतीय काल गणना के अनुसार इस बार भाई-बहन के लिए यह पर्व मनाने का शुभ मुहूर्त काफी कम समय का है। इसका एक कारण इस श्रावण पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण पड़ना भी है।
बता दें कि सोमवार 10 जुलाई से श्रावण (सावन) मास आरंभ हो रहा है। यह मास विशेष रूप से भगवान शिव की पूजा के लिए जाना जाता है। मान्यता है कि सावन के प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव की पूजा विशेष फलदायी है। इस बार सावन में पांच सोमवार भी पड़ रहे हैं। वहीं सावन के आखिरी सोमवार 7 अगस्त को रक्षाबंधन है।
लेकिन इसी दिन चंद्र ग्रहण भी पड़ेगा। ऐसे में भद्रा और सूतकों के चलते राखी बांधने के लिये बहिनों को केवल दो घंटे 45 मिनट का समय ही शुभ रहेगा। मथुरा के ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया 6 अगस्त रविवार की रात्रि 10 बजकर 29 मिनट से भद्रा लग जायेंगी। जो 7 अगस्त रक्षाबंधन के दिन सुबह 11 बजकर 7 मिनट तक रहेंगी।
वहीं इसी दिन दोपहर के 1 बजकर 52 मिनट से सूतक लग जाएंगे। ऐसे में बहिनों को इसी समयावधि दो घंटा 45 मिनट ही राखी बांधने के लिए शुभ रहेगा। इस दिन रात्रि में 10 बजकर 52 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक पूरे भारत में चंद्रग्रहण दिखेगा।