इस रक्षाबंधन पर भगवान कृष्ण की नगरी से एक अनूठी पहल शुरू हुई है। बहनों ने अभी से ही भाइयों पर हेलमेट खरीदने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है। वहीं जो छात्राएं स्कूटी चलाती हैं उनके भाइयों ने भी रक्षाबंधन पर बतौर उपहार हेलमेट देने की तैयारी कर ली है। कई युवतियों की जिद के आगे उनके पापा भी हेलमेट खरीदकर ला रहे हैं।
हर साल जाने कितने ही लोग सड़क हादसों में मारे जाते हैं। इनमें दोपहिया वाहन चालकों की संख्या सबसे ज्यादा होती है। अधिकांश हादसों में मौत की जो वजह सामने आती है वह सिर में गंभीर चोट लगना है। यानी अगर हेलमेट लगाया होता तो जान बच सकती थी।
यूं तो हेलमेट की उपयोगिता समझाने के लिए समय समय पर अभियान चलते रहते हैं, लेकिन इस बार रक्षाबंधन पर बहनों ने यह बीड़ा उठा लिया है। भक्ति अग्रवाल ने भी जिद पकड़ ली है कि वो अपने भाई को हेलमेट खरीदवाकर ही रहेगी। अपने पापा से भी कह दिया है कि रक्षा बंधन वाले दिन भैया को हेलमेट मिल जाना चाहिए।