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Raksha Bandhan 2022: कब बांधी जाएगी राखी? 11 या 12 अगस्त को, जानें क्या कहते हैं ज्योतिषाचार्य

Tue, 09 Aug 2022 12:52 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

रक्षाबंधन का त्योहार सावन पूर्णिमा तिथि और भद्रारहित काल पर मनाया जाता है, लेकिन इस साल रक्षाबंधन की तारीख को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविन्द मिश्र ने बताया कि इस बार  पूर्णिमा तिथि और भद्रा रहित काल कब है। कब बांधी जाएगी राखी? 
 
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रक्षाबंधन 2022 - फोटो : iStock
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विस्तार
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भाई-बहन के अटूट प्रेम के पर्व रक्षाबंधन की तिथि को लेकर लोगों में असमंजस है। कोई 11 तो कोई 12 अगस्त को रक्षाबंधन मानाने की बात कर रहा है। ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविन्द मिश्र ने बताया कि लौकिक व्यवहार में रक्षाबंधन हमेशा सुबह के समय दिन में होता रहा है। इसलिए इन्हें दिन व्रत के नाम से भी जाना जाता है। दिन व्रत के लिए केवल उदया तिथि यानि साकल्यापादित तिथि मान्य होती है।

12 अगस्त को बांधे राखी 

ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविन्द मिश्र ने बताया कि इस वर्ष  सावन की पूर्णिमा 12 अगस्त दिन शुक्रवार में सूर्योदय के बाद 3 घटी से भी अधिक रहेगी, जो कि साकल्यापादिता तिथि धर्म कृत्योपयोगी रक्षाबंधन के लिए शुभ एवं श्रेष्ठ है। उन्होंने बताया कि 11 अगस्त गुरुवार में चौदस प्रातः 10 बजकर 36 मिनट तक रहेगी। उसी समय भद्रा प्रारंभ हो जायेगी, जो कि रात्रि 8 बजकर 51 मिनट तक रहेगी। भद्रा में रक्षाबंधन वर्जित है। यदि भद्रा में राखी बांधी जाए अथवा रक्षाबंधन मनाया जाए, तो घर के प्रधान व्यक्ति को क्षति का डर है।

रक्षाबंधन पूजा-विधि

ज्योतिषाचार्य ने बताया कि रक्षा बंधन के दिन बहने भाईयों की कलाई पर रक्षा-सूत्र या राखी बांधती हैं। साथ ही वे भाईयों की दीर्घायु, समृद्धि व ख़ुशी आदि की कामना करती हैं। रक्षा-सूत्र या राखी बांधते समय बहनों को मंत्र का उच्चारण भी करना चाहिए।

पढ़ें ये मंत्र 

ॐ येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः।

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तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।


भद्राकाल में राखी बांधना वर्जित क्यों? 

भद्राकाल का समय अशुभ होता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार भद्रा शनिदेव की बहन हैं। ऐसी मान्यता है जब माता छाया के गर्भ से भद्रा का जन्म हुआ तो समूची सृष्टि में तबाही होने लगी और वे सृष्टि को तहस-नहस करते हुए निगलने लगीं। सृष्टि में जहां पर भी किसी तरह का शुभ और मांगलिक कार्य संपन्न होता भद्रा वहां पर पहुंच कर सब कुछ नष्ट कर देती। इस कारण से भद्रा काल को अशुभ माना गया है। ऐसे में भद्रा काल होने पर राखी नहीं बांधनी चाहिए। इसके अलावा भी एक अन्य कथा है। रावण की बहन ने भद्राकाल में राखी बांधी जिस कारण से रावण के साम्राज्य का विनाश हो गया है। इस कारण से जब भी रक्षा बंधन के समय भद्राकाल होती है उस दौरान राखी नहीं बांधी जाती है।

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