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सेंट पीटर्स में पढ़े हैं आईबी के नए चीफ

Mon, 19 Dec 2016 12:29 AM IST
सेंट पीटर्स में पढ़े हैं आईबी के नए चीफ
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Rajiv Jain appointed as the next IB Chief and Anil Dhasmana to be the new RAW chief
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इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) के नए चीफ राजीव जैन आगरा के रहने वाले हैं। एक जनवरी को वह पदभार ग्रहण करेंगे। उनके नाम की घोषणा होने के साथ ही परिवार को बधाई देने वालों का तांता लगा है। नार्थ विजय नगर कालोनी में स्थित उनके पैतृक निवास पर जश्न का माहौल है।
राजीव जैन के बड़े भाई सुनील जैन ने बताया कि राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सेंट पीटर्स कालेज में हुई। 1972 में दिल्ली चले गए। वहां हिंदू कालेज से इतिहास में बीए आनर्स, एमफिल किया। पहले ही प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा पास की। वे आईएएस बनना चाहते थे लेकिन परिवार के समझाने पर आईपीएस ज्वाइन कर लिया। बिहार कैडर में उन्होंने पुलिस सेवा की शुरूआत की। बाद में झारखंड कैडर में चले गए। करीब दो वर्ष तक बिहार पुलिस सेवा में रहने के बाद प्रतिनियुक्ति पर आईबी ज्वाइन की। दो वर्ष तक कनाडा रहे। उसके बाद बंगलूरू, जम्मू, अहमदाबाद रहे। पिछले कई वर्ष से दिल्ली में तैनात हैं। पत्नी अनुराधा बंगलूरू की रहने वाली हैं। राजीव जैन की दोनों बेटियां डाक्टर हैं। पिता राम नारायण अग्रवाल की कंस्ट्रक्शन कंपनी है। सुनील पिता के साथ कंस्ट्रक्शन कारोबार संभालते हैं। छोटे भाई संजय जैन एक्स एनआरआई हैं। वर्तमान में वे आनंद इंजीनियरिंग कालेज में ईसी के हैड आफ दि डिपार्टमेंट हैं। राजीव जैन के आईबी चीफ बनने से घर में खुशी का माहौल है।
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ट्रेनिंग में  बनाया था रिकार्ड
सुनील जैन ने बताया कि राजीव शुरू से ही सिविल सेवा में जाना चाहते थे। आईपीएस में चयन के बाद उन्होंने ट्रेनिंग के दौरान ही रिकार्ड बनाया। पासिंग आउट परेड में उन्होंने आउटडोर और इनडोर एक्टिविटी में बेहतरीन प्रदर्शन कर प्राइम मिनिस्टर पिस्टल और प्रेसीडेंट स्वार्ड हासिल की। सर्विस के दौरान उन्होंने 1999 में इंडियन पुलिस मेडल और 2005 में प्रेसीडेंट पुलिस मेडल हासिल किया है।
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बेटे ने गर्व से सीना चौड़ा कर दिया
बेटे को पुलिस सेवा के सबसे बड़े ओहदे पर बैठे देख पिता राम नारायण अग्रवाल का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। उनका कहना है कि राजीव ने शहर का नाम रोशन किया है। परिवार का कंस्ट्रक्शन का बड़ा कारोबार है लेकिन राजीव ने देश की सेवा को चुना। उनसे प्रेरणा लेकर आगे की पीढ़ियां सेवा क्षेत्र से जुड़ रही हैं। सुनील और संजय के पुत्र भी इंजीनियरिंग क्षेत्र में हैं। पारिवारिक समारोह में राजीव शामिल होते हैं और दीपावली पर तो पूरा परिवार अनिवार्य रूप से एक छत के नीचे होता है। मां ओमवती जैन बेटे की उपलब्धि पर खुश हैं। 
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