प्रिंस उर्फ काली यादव को दो गोलियां मारने के बाद राज चौहान जब उसे बाइक पर लटकाकर ले गया तो क्षेत्र में दबदबा हो गया था। राज के रिहा होने की इंस्टाग्राम पर की गई पोस्ट के बाद जिला जेल के गेट पर 200 से ज्यादा युवक कार और बाइकों से पहुंच गए थे। फूल मालाओं और साफा पहनाकर उसका स्वागत किया गया और क्षेत्र में जुलूस निकाला गया था। जुलूस के वीडियो वायरल होने से उसकी युवाओं में लोकप्रियता और रसूख बढ़ता चला गया। इससे क्षेत्र के कई बदमाशों का वर्चस्व कम होने लगा था।
राज चौहान के दाेस्तों ने बताया कि राज जेल से बाहर आया तो किसी विवाद को पुलिस तक नहीं जाने देता था। वह किसी डॉन की तरह मध्यस्थता करने लगा था। स्टाइल में रहने और रुपयों की जरूरत पूरी करने के लिए वह जुए लूटने लगा था। सूत्रों के अनुसार 14 जनवरी को उसने साथियों के साथ हथियारों के दम पर जीवनी मंडी क्षेत्र में यमुना किनारे जुआ लूटा था। इस दौरान मारपीट भी हुई थी। भागते समय चार युवक खाटू श्याम मंदिर के पास पुलिस ने पकड़े थे। पुलिस ने तब राज की बाइक बरामद की थी, जो उसकी बहन के नाम पर है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद जब उसका शव ट्रांसयमुना पहुंचा तो परिजन वहां से गांव जाने लगे। इस दौरान उसके 300 से ज्यादा दोस्त अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।
रिश्तेदारों ने समझाया पर नहीं माना था राज
पोस्टमार्टम हाउस पर राज के मामा ने बताया कि उन्होंने राज को समझाया था कि हर किसी पर भरोसा न करे। वह साजिश का शिकार हो गया। बचपन में वह फौज में जाना चाहता था पर गुस्से में अपने ही दादा की हत्या कर अपराध की दुनिया में चला गया। पिता की काफी पहले मृत्यु हो गई थी। उसकी मां नीरू ने दिन रात मेहनत कर बच्चों को पाला है। राज के दोस्तों ने बताया कि वह खुद को किसी फिल्म का हीरो जैसा समझता था। रंगबाजी के साथ वह ट्रांस यमुना क्षेत्र में एक युवती के घर के बाहर पूरा दिन बिताता था। उसकी हत्या के बाद उसके जुलूस निकालने और मारपीट करने के वीडियो सोशल मीडिया पर दोबारा वायरल हो रहे हैं।