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UP: शोध छात्रा से शारीरिक शोषण...विश्वविद्यालय के प्रोफेसर पर आरोप, राजभवन ने तलब की रिपोर्ट

Mon, 27 Oct 2025 11:15 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

पीड़ित शोध छात्रा ने थाना न्यू आगरा में केस दर्ज कराया है। आरोप है कि कैमिस्ट्री के एक प्रोफेसर ने शादी का झांसा देकर दो साल तक शारीरिक शोषण किया।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर पर शोध छात्रा (रिसर्च स्कॉलर) ने शारीरिक शोषण के गंभीर आरोप लगाकर शासन स्तर तक हलचल मचा दी है। मामला सामने आने पर राजभवन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है। वहीं, विश्वविद्यालय ने भी तत्काल प्रभाव से आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) गठित कर जांच शुरू करा दी है।
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इस मामले में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशा-निर्देश एवं कार्यस्थल पर महिलाओं के प्रति लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (पोश एक्ट, 2013) के प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।

मामले के अनुसार पीड़ित शोध छात्रा ने थाना न्यू आगरा में केस दर्ज कराया है। बताया है कि खंदारी परिसर के बेसिक साइंस विभाग में कैमिस्ट्री के प्रोफेसर, जो उसके पीएचडी के को-सुपरवाइजर हैं, ने शादी का झांसा देकर दो साल तक शारीरिक शोषण किया। शादीशुदा होने के बावजूद झूठे वादे कर दबाव बनाकर संबंध बनाते रहे।
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मध्य प्रदेश के खजुराहो स्थित एक होटल में तीन दिन तक और हाल ही में मथुरा के एक होटल में भी उसे ले जाकर शारीरिक शोषण किया। छात्रा ने बताया कि पिछले दो वर्षों से हर रविवार को खंदारी परिसर स्थित ऑफिस में दोपहर 2 से 6 बजे तक बुलाते थे। 

छात्रा ने बताया कि 25 अक्तूबर को भी ऑफिस में बुलाकर हाथापाई की। धमकी दी की अगर बात बाहर गई तो उसकी पीएचडी रोक दी जाएगी। छात्रा का कहना है कि उसने पुलिस को चैट, कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य सबूत भी उपलब्ध कराए हैं। जिस आधार पर केस दर्ज किया गया है।

टर्मिनेशन की करेंगे कार्रवाई
यह प्रकरण बेहद गंभीर है इसकी जानकारी पुलिस की ओर से की गई शिकायत से ज्ञात हुई। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) का गठन कर दिया गया है, जिसमें महिला अधिवक्ता समेत विशेषज्ञ सदस्य शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लॉ और नियम के आधार पर प्रकरण की जांच की जा रही है। यदि प्रोफेसर दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ टर्मिनेशन तक की कार्रवाई की जाएगी। - प्रो. आशु रानी, कुलपति

 
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