डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर पर शोध छात्रा (रिसर्च स्कॉलर) ने शारीरिक शोषण के गंभीर आरोप लगाकर शासन स्तर तक हलचल मचा दी है। मामला सामने आने पर राजभवन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है। वहीं, विश्वविद्यालय ने भी तत्काल प्रभाव से आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) गठित कर जांच शुरू करा दी है।
इस मामले में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशा-निर्देश एवं कार्यस्थल पर महिलाओं के प्रति लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (पोश एक्ट, 2013) के प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
मामले के अनुसार पीड़ित शोध छात्रा ने थाना न्यू आगरा में केस दर्ज कराया है। बताया है कि खंदारी परिसर के बेसिक साइंस विभाग में कैमिस्ट्री के प्रोफेसर, जो उसके पीएचडी के को-सुपरवाइजर हैं, ने शादी का झांसा देकर दो साल तक शारीरिक शोषण किया। शादीशुदा होने के बावजूद झूठे वादे कर दबाव बनाकर संबंध बनाते रहे।