बाजार में मंदी, खेतों में नुकसान ने उड़ाई नींद
बाह। बारिश का सिलसिला थमने के साथ ही सोमवार को चटख धूप खिली। जिससे बाह, जैतपुर, पिनाहट क्षेत्र के 214 गांवों के लोगों को सर्दी से हल्की राहत मिली है। लेकिन बारिश से गीले हुए खेतों में आलू की खुदाई रुकी हुई है। मंडी में फसल के दाम भी नहीं मिल रहे हैं। जिससे किसानों की नींद उड़ गई है।
क्षेत्र में आलू की अगेती फसल की खुदाई हो रही थी। बारिश से गीले हुए खेतों में खुदाई का काम बंद हो गया है। वहीं जलभराव के चलते आलू की फसल सड़ने का खतरा पैदा हो गया है। आलू की मंदी की मार से जूझ रहे किसान फसल सड़ने के अंदेशे से चिंतित हो उठे हैं। धोबई के भारत सिंह, जरार के हरिओम, पार्वतीपुरा के हेमंत, बरपुरा के रामप्रकाश ने बताया कि मंडी में आलू की बेकदरी हो रही है। प्रति क्विंटल 400 रुपये का भाव है। मंदी की वजह से लागत निकलना मुश्किल हो गया है। बारिश की बजह से खेत गीले हो गए हैं। खुदाई का काम रुक गया है। मौसम साफ होने के बाद भी फिर से खुदाई होने में 3 से 4 दिन लगेंगे। बारिश नहीं रुकी तो खेतों में आलू सड़ने का खतरा पैदा हो जाएगा। धूप की बजह से पाला बैठने से आलू में नुकसान होगा, गुणवत्ता प्रभावित होगी। बारिश के नुकसान को लेकर किसान चिंतित हैं।
खेतों में बिछने से सरसों की फसल में नुकसान की आशंका
बाह। तेज हवा के साथ हुई बारिश से बाह, पिनाहट, जैतपुर ब्लॉक के गांवों में सरसों की फसल खेत में बिछ गई है। सरसों में होने वाले नुकसान को लेकर किसान परेशान हैं। तहसील बाह के गांवों में सरसों की अच्छी फसल थी, किसान खुश थे। तेज हवा के साथ हुई बारिश ने उनकी खुशी को ग्रहण लगा दिया है। जरार के महेश चंद्र, राजवीर सिंह, पुरा कनेरा के अजयपाल, गिर्राज सिंह, गुंगावली के वीरेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह ने बताया कि एक तो सरसों की फसल खेतों में गिर गई है। दूसरे अगेती फसल में धूप निकलने पर फलियां चटकने से दाना बिखरने एवं पछेती फसल में फूल झड़ने से उपज और गुणवत्ता प्रभावित होगी। मेहनत और लागत भी निकलना मुश्किल हो जाएगा।
बाह में खेतों में बिछी सरसों की फसल