आगरा के बाह क्षेत्र के रामपुर चंद्रसेनी गांव में बारिश के कारण अंतिम संस्कार करीब एक घंटे तक रुका रहा। ग्रामीण खुले आसमान के नीचे चिता पर तिरपाल ताने खड़े रहे, बारिश थमने के बाद अंतिम संस्कार हो सका।
आगरा के बाह क्षेत्र के रामपुर चंद्रसेनी गांव में बृहस्पतिवार की दोपहर 12 बजे बारिश ने शव का अंतिम संस्कार रोक दिया। ग्रामीण घंटे भर चिता पर तिरपाल ताने खड़े रहने को मजबूर हो गये।
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रामपुर चंदरसेनी गांव में बुधवार शाम ब्रह्मपाल सिंह भदौरिया के निधन हो गया था। परिजन एवं गांव के लोग बृहस्पतिवार की दोपहर शव को गांव के श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार को ले गये। भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति के राष्ट्रीय सचिव श्रवण सिंह भदौरिया ने बताया कि जैसे ही चिता सजाई, बारिश होने लगी। खुले आसमान के नीचे ग्रामीण चिता पर तिरपाल ताने खड़े रहे।
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एक घंटे बाद बारिश थमी, तब अंतिम संस्कार हो सका।अंत्येष्टि के दौरान अत्यंत असुविधाजनक एवं पीड़ादायक स्थिति उत्पन्न हो गई। इस घटना ने ग्राम के श्मशान घाट पर आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की कमी को उजागर किया है।उन्होंने उप जिलाधिकारी, बाह से मांग की है कि रामपुर चन्द्रसैनी स्थित श्मशान घाट पर तत्काल आवश्यक मूलभूत व्यवस्थाएं कराई जाएं। वर्षा से बचाव हेतु स्थायी टिनशेड/छत की व्यवस्था हो।
शव के अंतिम संस्कार हेतु पक्का एवं जल निकासी युक्त प्लेटफॉर्म बनाया जाए। श्मशान घाट तक उचित रास्ते एवं प्रकाश व्यवस्था कराई जाए। पेयजल एवं अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।उन्होंने कहा कि अंतिम संस्कार प्रत्येक व्यक्ति के सम्मान और गरिमा से जुड़ा विषय है। किसी परिवार को अपने परिजन की अंत्येष्टि के समय इस प्रकार की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।