मूसलाधार बारिश की वजह से जिंदगी मुहाल होती जा रही है। सबसे बुरा हाल उखर्रा स्थित प्रेम नगर, नई आबादी का है। यहां लगभग दो दर्जन मकानों के या तो फर्श धंस गए हैं या फिर घरों की दीवारों में दरार आ गई है। स्थिति यह है कि कब कौन सा मकान भरभराकर गिर जाए, कहा नहीं जा सकता। यहां की गली नंबर चार निवासी मानसिंह, सुनील के मकान दो भागों में बंट गए हैं। वहीं, सुनहरी लाल, भूरी सिंह, शिवदेवी आदि के मकानों का फर्श धंस गया। कमोवेश यही स्थिति सभी की है। दरअसल बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश की वजह से इस क्षेत्र के घरों में पानी भर गया था। रातभर पानी घरों की नींव में जाता रहा। गुरुवार सुबह तब अधिकांश घरों की नींव धंस गई। अपनी जिंदगी खतरे में देख लोग दूसरे के यहां सहारा लेने को मजबूर हैं।
बिजली के खंबे बने मुसीबत का सबब
जमीन धंसने की वजह से सबसे ज्यादा संकट उन क्षेत्रों के लोगों पर मंडरा रहा है, जहां अभी भी बिजली के खंबों पर नंगे तार लगे हैं। जमीन धंसने की वजह से ये खंबे गिरने की स्थिति में आ गए हैं।
सड़कों का बुरा हाल
भारी जलभराव के चलते सड़कों में भी गड्ढे हो गए हैं। एनएच दो के अलावा अवधपुरी, अलबतिया, दौरेठा, मारुति एस्टेट, खंदारी, लॉयर्स कालोनी, दयालबाग, साकेत कालोनी, देवरी रोड, आवास विकास सहित तमाम क्षेत्रों की सड़कों में गड्ढे हो गए हैं। ऐसी स्थिति में सड़कों पर आवागमन खतरे से कम नहीं रहा है।
नगर निगम के बंदोबस्त की खुली पोल
जलभराव से निपटने के नगर निगम अब तक कोई उपाय नहीं कर सका है। स्थिति यह है कि गुरुवार को शहर के अधिकांश क्षेत्रों में जलभराव रहा। यहां तक बुधवार को हुई बारिश के पानी की निकासी का भी व्यवस्था नहीं कर सका। पृथ्वीनाथ फाटक के आसपास रहने वाले घर पानी से लबालब हो गए हैं।