आलू का बीज भी हुआ महंगा
रामवीर कश्यप ने बताया कि बीज महंगा होने से आलू की खेती का खर्च बढ़ गया है। पप्पू मिस्त्री ने बताया कि 30 बीघा आलू बोनी थी, लेकिन बीज महंगा होने के कारण 20 बीघे भी बुवाई करेगा। वहीं उमेश चंद्र उर्फ गुड्डा ने तो आलू के बजाय सरसों की बुवाई कर दी है।
जिला उद्यान अधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि आलू का आधारीय प्रथम बीज सरकारी रेट पर 3475 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है। इसमें किसान को सब्सिडी नहीं दी जा रही है। अब तक करीब 200 किसानों ने आलू का बीज खरीदा है। बताया कि पिछले वर्ष 2600 रुपये प्रति क्विंटल आलू का बीज मिला था। कहा कि बीज की कीमत शासन स्तर से ही तय होती है।
सालभर में दोगुने दाम की हुई खाद
इस वर्ष आलू किसानों की लागात में काफी इजाफा हुआ है। बीज और खाद की बढ़ती कीमत किसानों को रुला रही है। महंगे बीज के अलावा किसानों को लगभग दोगुने दाम में खाद खरीदनी पड़ रही है। खड़िया गांव के किसान दिनेश कुशवाह ने बताया कि पिछले साल डीएपी 900 रुपये बोरी थी। इस साल 1700 रुपये में मिल रही है।