फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कासगंजज: एनईआर और एनसीआर के बीच इसलिए थम जाती है ट्रेन की रफ्तार

विज्ञापन
कासगंज से आगरा फोर्ट के लिए जाती इलैक्ट्रिक ट्रेन - फोटो : KASGANJ
विज्ञापन
कासगंज। रेलवे के परिक्षेत्रों में ट्रेनों की टाइमिंग उलझ गई है। कासगंज से आगरा फोर्ट के लिए शुरू की गई इलेक्ट्रिक ट्रेन दूसरे दिन भी देरी से गंतव्य तक पहुंच सकी। मथुरा तक एनईआर के ट्रैक पर जाने के बाद ट्रेन को एनसीआर के आउटर पर काफी देर खड़ा किया गया। यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन

एनईआर, एनआर, एनसीआर या कोई और परिक्षेत्र हो यहां अपने परिक्षेत्र की ट्रेन को अफसर निर्धारित समय पर निकालते हैं। जबकि दूसरे परिक्षेत्र की ट्रेन को काफी देर तक आउटर पर खड़ा कर देते हैं। ट्रैक जब तक पूरी तरह खाली नहीं हो जाता तब तक दूसरे परिक्षेत्रों की ट्रेन खड़ी रहती हैं। कासगंज-आगरा के बीच इलेक्ट्रिक इंजन से चलाई गई ट्रेन दूसरे दिन भी आगरा फोर्ट देरी से पहुंची। रविवार को बांद्रा लखनऊ एक्सप्रेस पास करने के लिए ट्रेन को मथुरा में ही खड़ा किया गया, लेकिन सोमवार को ट्रेन एनसीआर के आउटर पर काफी देर खड़ी रही। बता दें कि मथुरा स्टेशन तक पूर्वोत्तर रेलवे का क्षेत्र है। यहां तक पूर्वोत्तर रेलवे के अधीन अफसर और कर्मचारी निगरानी करते हैं। जबकि मथुरा से आगे उत्तर मध्य रेलवे का ट्रैक शुरू हो जाता है। ऐसे में आगरा की ओर जाने वाली एनईआर की ट्रेनों को आए दिन आउटर पर काफी देख खड़ा किया जाता है। इस अव्यवस्था में कासगंज से आगरा फोर्ट तक चलाई गई इलेक्ट्रिक इंजन ट्रेन संख्या 55333 भी उलझ गई है। दूसरे दिन कासगंज से रवाना होने वाली यह ट्रेन आगरा फोर्ट स्टेशन अपने समय से करीब डेढ़ घंटा देरी से पहुंची।
ट्रेन के समय पर एक नजर-
- 7:55 बजे कासगंज से रवाना होती है आगरा फोर्ट।
- 12:35 बजे आगरा फोर्ट स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने का समय।
- 2:00 बजे सोमवार को आगरा फोर्ट पहुंच सकी ट्रेन।
पहले भी वर्चस्व में उलझी रहीं हैं ट्रेनें
कासगंज। परिक्षेत्रों के आउटर पर ट्रेन की देरी का ये कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी रेलवे के अफसरों में परिक्षेत्रों को लेकर जंग हुई है। कासगंज-बरेली ब्रॉडगेज पर जब 4 साल पहले ट्रेनें दौड़ाई गईं तो पूर्वोत्तर रेलवे का ट्रैक रामगंगा तक था। रामगंगा के बाद पूर्वोत्तर रेलवे की गाड़ी एनआर के ट्रैक से बरेली पहुंचती थी। उस समय रामगंगा आउटर पर एनईआर की ट्रेनें घंटों खड़ी रहती थीं। एनईआर ने राम गंगा के बाद अपना ट्रैक तैयार कर लिया तब ट्रेनें बरेली-कासगंज के बीच दौड़ीं।
विज्ञापन

- परिक्षेत्रों में ट्रेनें पास करने को लेकर इस तरह की समस्या बनी रहती है। उच्च स्तर पर इस समस्या के समाधान की पहल चल रही है। जल्द ही इस समस्या से निजात मिलेगी।
विज्ञापन

राजेंद्र सिंह, पीआरओ, रेलवे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें