पैसेंजर ट्रेनें गिनी-चुनी, दैनिक यात्री परेशान
पैसेंजर ट्रेनों को मेल एक्सप्रेस के रूप में चलाने से दैनिक यात्रियों पर बोझ पड़ रहा है। आगरा से पलवल का पैसेंजर का किराया कोरोना काल से पहले 35 रुपये था, जोकि अब मेल एक्सप्रेस के रूप में 65 रुपये हो गया है।
इसी तरह पैसेंजर ट्रेनों में तकरीबन दोगुना किराया दैनिक यात्रियों को देना पड़ रहा है। दैनिक यात्री संघ के अध्यक्ष संजय वर्मा का कहना है कि अब रेलवे को स्पेशल का दर्जा खत्म करना चाहिए। सभी पैसेंजर ट्रेनों को रूट पर संचालित करना चाहिए।
रेल अफसरों की दलील
आगरा मंडल के रेल अधिकारियों का कहना है कि किराये का निर्धारण करना रेलवे बोर्ड का कार्य है। त्योहार स्पेशल से पहले कोविड काल में क्लोन ट्रेनों का किराया भी सामान्य ट्रेनों से दोगुना था। तब भी यात्रियों ने सफर किया था।