आगरा के बारहखंभा रेल फाटक के पास रेलवे लाइन के किनारे स्थित नगला लाल सिंह बस्ती के करीब 21 मकानों को अवैध घोषित करने से लोगों में दहशत का माहौल है। दशकों से रह रहे लोगों में इस बात पर नाराजगी है कि उनके मकान बनते वक्त क्यों नहीं रोका गया। लोन कैसे पास किए गए।
नोटिस पाने वाले पप्पू का कहना है कि मेरी 60 साल की उम्र हो गई। मेरा जन्म यहीं हुआ। अब कहां जाएंगे। करीब 10 साल पहले रेलवे ने पिलर लगाया था, तब उनके घर का कुछ हिस्सा टूटा था। उन्होंने पिलर से दूर अपना घर बनाया। अब फिर तोड़ रहे। पहले ही बता देते तो हम यहां घर नहीं बनाते।
दरअसल रेलवे ने 11 मार्च को एक नोटिस जारी किया। जिसके तहत नगला लाल सिंह बस्ती के 21 मकानों को अवैध घोषित कर 15 दिन में गिरा देने का नोटिस दिया गया है। इन मकानों में करीब 150 लोग रहते हैं। 26 मार्च तक अवैध कब्जा न हटा लेने पर रेलवे विभाग उसे तोड़ देने की चेतावनी दी है। रेलवे ट्रैक के किनारे बाउंड्रीवॉल बना रहा है। नोटिस के बाद से यहां रहने वालों की नींद उड़ गई है। जनप्रतिनिधि से अधिकारियों तक लोग चक्कर लगा रहे हैं।
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जमीन को कब्जा मुक्त करा रहे
आगरा रेल मंडल के पीआरओ प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि रेलवे ट्रैक के पास बाउंड्री बनाने जा रहा है। इसलिए अपनी जमीन को कब्जे से मुक्त करा रहा है। जिन लोगों ने रेलवे की जमीन पर कब्जा किया है, उन्हें नोटिस दिया गया है।