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विजिलेंस ने पकड़ा ई-टिकट का फर्जीवाड़ा, रेलवे को लगाया जा रहा था लाखों रुपये का चूना

Thu, 20 Dec 2018 05:04 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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प्र्रेसवार्ता करते कंमाडेंट शादान जेड खान - फोटो : अमर उजाला
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आगरा में रेलवे विजिलेंस इलाहाबाद की टीम ने आरपीएफ के साथ मिलकर ई टिकटिंग का फर्जीवाड़ा पकड़ा है। हींग की मंडी स्थित एक ट्रेवल एजेंसी के कार्यालय पर छापा मारकर लगभग साढ़े चार लाख रुपये की कीमत के टिकट बरामद किए हैं। दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
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आरपीएफ कमांडेंट शादान जेड खान ने बताया कि मुख्य सतर्कता निरीक्षक वीके खरे के नेतृत्व में विजिलेंस टीम कई दिन से आगरा में डेरा जमाए हुए थी। टीम के सदस्यों ने आरपीएफ कैंट व एसआईबी की टीमों के साथ हींग की मंडी स्थित ए-1 ट्रेवल एजेंसी पर छापेमारी की। यहां टीम को ई टिकटिंग में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी मिलीं। शातिर अभी तक रेलवे को फर्जी आईडी पर टिकट बेचकर करीब 50 लाख रुपये से अधिक का चूना लगा चुके हैं। 

कमांडेंट ने बताया कि काउंटर से भविष्य की यात्रा के 246 आरक्षण काउंटर टिकट, जिनकी कीमत 428405 रुपये है और 281 निरस्त यात्रा टिकट बरामद किए हैं। यहां से कुल 2345 ई टिकट बरामद हुए हैं, जिनकी कुल कीमत तकरीबन 50 लाख रुपये है। टीम ने एजेंसी के मालिक ट्रांस यमुना कालोनी बी ब्लाक निवासी राजेंद्र्र कुमार गुप्ता व उसके बेटे सुमित को गिरफ्तार किया है। 
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कार्यालय से लैपटाप, प्रिंटर, डोंगल, एटीएम कार्ड, नगदी, मोबाइल और फर्जी आईडी बरामद की हैं।  टीम के सदस्यों ने बताया कि पर्सनल आईडी के अलावा यह लोग दूसरों की आईडी से भी ई टिकट बनाकर बेचने का काम कई साल से कर रहे थे। इनके खिलाफ रेल अधिनियम की धारा 143 के तहत मामला दर्ज करके कार्यवाही की जा रही है। 

पहले भी पकड़े गए हैं ट्रेवल एजेंट

शहर की कई ट्रेवल एजेंसियों में ई टिकट के नाम पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। आरपीएफ की टीमें कई दफा ट्रेवल एजेंसियों पर छापे मारकर लोगों को पकड़ा है। फर्जी आईडी से टिकट बनाकर बेचने के मामले भी पकड़े हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। यही कारण है कि यह खेल निरंतर चल रहा है। ऐसे लोग जुर्माना भरकर छूट जाते हैं। 
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