पुलिस गिरफ्त में आरोपी दरोगा व सिपाही
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आगरा कैंट आरपीएफ पोस्ट पर तैनात उपनिरीक्षक और दो सिपाहियों को अपहरण के मामले में जेल भेजे जाने के बाद रेलवे ने भी इनकी विभागीय जांच शुरू करा दी है। असिस्टेंट कमांडेंट को जांच सौंपी गई है। अगर पर्याप्त साक्ष्य मिले तो इनकी बर्खास्तगी भी हो सकती है। वहीं आरपीएफ पोस्ट के इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस ने दो युवकों को अगवा करने के मामले में एसआई सुरेश चौधरी, आरक्षी पारुल यादव और नीरज सिंह को फिरौती लेते समय दबोचा था। दरोगा और सिपाहियों ने थाना मलपुरा के गांव अभयपुरा से काजिम और इकरार का अपहरण किया था। आरोपियों ने इकरार को राजामंडी आरपीएफ चौकी में पटे से पीटा गया। उसकी चीखें सुनाकर उसके साले काजिम को डराया गया था।
इंस्पेक्टर निलंबित
अपहरण के मामले में दरोगा और दो सिपाहियों को जेल भेजे जाने के बाद आरपीएफ कमांडेंट ने आरपीएफ पोस्ट के इंस्पेक्टर को भी निलंबित कर दिया है। पर्यवेक्षण में लापरवाही बरतने पर इंस्पेक्टर पर गाज गिरी है। आगरा मंडल की वाणिज्य प्रबंधक प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले को रेलवे ने गंभीरता से लिया है। जांच असिस्टेंट कमांडेंट को दी गई है।
पर्याप्त साक्ष्य सामने आने के बाद बर्खास्तगी से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। उधर, आगरा रेल मंडल कार्यालय में बुधवार को पूरे दिन इस मामले को लेकर रेलवे कर्मचारियों, जीआरपी में चर्चाएं रहीं। इसमें प्रीपेड टैक्सी बूथ पर चलने वाले ड्राइवरों के साथ आरोपियों की नजदीकियों को भी एक कारण माना जा रहा है।