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UP: वाह रे रेलवे के अधिकारी: भूल गए...कहां तक है अपनी जमीन, कब्जा हो गया; तब पलट रहे दस्तावेज

Thu, 29 May 2025 11:57 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा के फतेहपुर सीकरी में रेलवे अपनी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए अभियान चला रहा है। हैरानी की बात तो ये है कि रेलवे को खुद नहीं पता है कि उनकी जमीन कहां तक है। 

 
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ट्रेन सांकेतिक आगरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 फतेहपुर सीकरी से भाजपा विधायक चौधरी बाबूलाल के आरोप के बाद रेलवे अपनी जमीनों से अतिक्रमण हटा रहा है। क्षेत्रीय लोग रेलवे पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि रेलवे को पता ही नहीं कि उनकी जमीन कहां तक है। अब दस्तावेज पलट रहे हैं।
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इकबाल हुसैन का कहना है कि उनकी दुकान रेलवे की जमीन पर नहीं बनी है। मंगलवार को रेलवे की टीम बुलडोजर लेकर आई और टिन और निर्माण तोड़ दिया। कोई नोटिस भी नहीं दी थी। रेलवे की लाइन पहले वर्तमान जगह से पीछे थी। 1972 की बाढ़ में लाइन बह गई। जिसके बाद रेलवे ने आवागमन संचालित करने के लिए दूसरी लाइन बना दी। अब रेलवे की टीम नई लाइन से नापतोल कर रही है। उनसे नक्शा मांगो तो दिखाते नहीं हैं। कई लोगों के स्थायी निर्माण नहीं हटाए।

 

उधर, रेलवे के अनुसार फतेहपुर सीकरी में आगरा-बयाना रेल लाइन से दोनों ओर 300 फीट तक उनकी जमीन है। वहीं बीच में पीडब्ल्यूडी ने रेलवे से जमीन लेकर सड़क बनाई थी। इसी सड़क के दूसरी ओर लोगों ने स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण कर लिया है। बीते शनिवार को रेलवे के अधिकारियों ने संतोष नगर चौराहे से तोड़ी गई चहारदीवारी की नापतोल भी कराई थी।

 

एकतरफा कार्रवाई का आरोप
मंगलवार को टीम ने इस्लामगंज रेल फाटक से दुल्हारा रेल फाटक तक 500 कई दुकानों के आगे बने फर्श और सीढि़यों को तोड़ दिया। इसके अलावा कुछ निर्माणों को हटाने की चेतावनी देकर चली गई। क्षेत्रीय लोगों ने इसे रेलवे की एकतरफा कार्रवाई बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे ने रसूखदार लोगों पर रहम दिखाया है।

 

विधायक ने उठाया था मुद्दा
बीते बृहस्पतिवार को ईदगाह आगरा स्टेशन पर अमृत भारत कार्यक्रम में फतेहपुर सीकरी के विधायक बाबूलाल शामिल हुए। उन्होंने मंच पर संबोधन के दौरान आगरा रेल मंडल के डीआरएम तेज प्रकाश अग्रवाल पर आरोप लगाए कि रेलवे की जमीन पर कब्जे हो रहे हैं। डीआरएम ने शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद से ही रेलवे विभाग सक्रिय हुआ है।

 

दस्तावेजों की होगी जांच
बुधवार को नायब तहसीलदार अनिल चौधरी और रेलवे के सेक्शन इंजीनियर देवी सिंह राजपूत व लेखपालों की बैठक हुई। नायब तहसीलदार ने बताया कि इस मामले में सभी दस्तावेज तलब किए गए हैं। दस्तावेजों का अध्ययन कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

रेलवे की जद में नहीं दुकान
हमारी दुकान रेलवे की जद में नहीं आती। इसके बावजूद स्लैब तोड़ दी। टिन हटाने की भी कह कर गए हैं। करीब डेढ़ साल पहले नापतोल हुई थी। तब तो कोई आपत्ति नहीं थी। - गुड्डू मिस्त्री, फतेहपुर सीकरी

 
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जमीन हमारी, स्टे भी है
हमने अपने मकान के आगे जो निर्माण किया है, वह हमारी जमीन है। पीडब्ल्यूडी की सड़क में हमारी जमीन का कुछ हिस्सा गया था। जिसका हमें मुआवजा भी मिला था। वहीं अब हमारी जमीन का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। हमने स्टे भी ले रखा है। - विशाल गोयल, फतेहपुर सीकरी
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