ासगंज के लालपुर में डेंगू पीड़ित रेलकर्मी की मौत के बाद स्वयं छिड़काव करते बस्ती के लोग
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कासगंज। डेंगू से पीड़ित एक रेलकर्मी की गुरुवार को मौत हो गई, जबकि उसी रेलकर्मी के परिवार के दो लोगों का उपचार अलीगढ़ में चल रहा है और एक का दिल्ली में चल रहा है। लोगों में नगर पालिका एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रति आक्रोश देखा गया।
रेल कर्मी सुनील (36) पुत्र दयाराम शाक्य निवासी लालपुर 12 दिन पहले बुखार आया था। इस पर उन्होंने निजी चिकित्सक से उपचार कराया था। इस बीच उनकी बेटी तनिष्का (12 )व छोटे भाई सभासद मनोज की पत्नी पूनम (24)को भी बुखार आ गया। हालत में सुधार न होने पर छह दिन पहले सभी को अलीगढ़ ले जाया गया। जहां सभी की जांच की गई। जांच में डेंगू की पुष्टि हो गई। इलाज के बाद भी उनकी हालत में सुधार न होने पर मंगलवार को रेल कर्मी को दिल्ली रेफर कर दिया। जहां गुरुवार दोपहर रेलकर्मी ने दम तोड़ दिया। जबकि उनकी बेटी व भाई की पत्नी का इलाज अलीगढ़ में चल रहा है। उनके पड़ोस में ही रहने वाले दयाशंकर का भी डेंगू का इलाज दिल्ली में चल रहा है। क्षेत्र में डेंगू के प्रकोप के बाद से लोगों में आक्रोश है।
सुनील आश्रित के तहत लगी थी नौकरी
सुनील चार भाइयों में सबसे बड़ा था। उसके पिता रेलवेे में कर्मी थे। उनकी मौत के बाद 14 साल पहले सुनील को बुकिंग क्लर्क की नौकरी मिली थी। तभी से वह कासगंज में परिवार के साथ रहते थेे। उनके एक बेटी 12 साल और एक बेटा सात माह का है। पत्नी पूजा और मां चंदा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।
लोगों ने स्वयं किया दवा का छिड़काव
क्षेत्र में नगरपालिका द्वारा दवा का छिड़काव नहीं कराया गया। इसके बाद बस्ती के ही बीज विक्रेता की दुकान से मशीन व दवा लाकर लोगों ने दवा छिड़काव कर लिया।
वर्जन
रेल कर्मी की डेेेंगू से मौत के मामले की जानकारी मिलने के बाद टीम को बस्ती में जाकर मरीजों का परीक्षण करने के निर्देश दे दिए गए है। -प्रतिभा श्रीवास्तव, सीएमओ