बाराखम्बा में बने आंबेडकर भवन को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। रेलवे की ओर से भवन को अतिक्रमण बताते हुए नोटिस चस्पा कर दिया गया है। 15 दिन में हटाने का अल्टीमेटम दिया है। इसको लेकर लोगों में गुस्सा है।
आगरा में थाना रकाबगंज स्तिथ बाराखम्बा पर बने आंबेडकर भवन को अतिक्रमण बताते हुए रेलवे ने भवन पर लेटर चस्पा कर दिया है। आंबेडकर भवन को हटाने के लिए कहा है। 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए रेलवे ने कहा है कि इसे हटा लें, अन्यथा की स्थिति में आंबेडकर भवन को रेवले द्वारा हटा दिया जाएगा। इसको लेकर डॉ. आंबेडकर अनुयायी एकता फाउंडेशन के पदाधिकारी ने वीडियो जारी कर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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रविवार को फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बाराखम्बा में लोगों से सम्पर्क किया। क्षेत्रीय लोगों से 19 मार्च को कलेक्ट्रटे स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचने के लिए आग्रह किया। फाउंडेशन के अध्यक्ष आशीष प्रिंस ने कहा कि सरकार संविधान विरोधी है।
अशीष प्रिंस ने कहा कि बाबा साहब की प्रतिमाओं को नेस्तनाबूत करने की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहब के भवन को नहीं हटाने देंगे, चाहे रेवले की पटरियों पर ही क्यों न सोना पड़े, लेकिन आंबेडकर भवन को टूटने नहीं देंगे। शैलेन्द्र मधुकर, एसबी दिनकर, श्याम सुंदर कर्दम, करन जरारी, चौ. विजेंद्र सिंह, भूरी सिंह, अश्वनी बिट्टू, चंद्रभान सिंह, हेमप्रकाश, निक्की, सुनील कुमार, मुन्ना लाल आदि माैजूद रहे।