ताजमहल पर 10 दिन सैलानियों की भारी भीड़ में बदइंतजामी की बदनामी दुनियाभर में फैलने के बाद एएसआई ने आखिर गुंबद के अंदर अव्यवस्था की वजह बनी स्टील रेलिंग को हटवाने का काम शुरू कर दिया।
मकबरे के मुख्य गुंबद के पूर्वी हिस्से की गैलरी से रेलिंग हटवा दी गई, जबकि कब्रों की प्रतिकृति केचारों ओर चौड़ाई बढ़ाई गई है, जिससे आवागमन आसान हो सके। गैलरी में डेढ़ की जगह अब तीन फुट चौड़ी रेलिंग की गई है, जिससे दो कतारों में लोग निकल सकते हैं।
ताज में रेलिंग की वजह से हंगामा बरपा तो एएसआई ने इसे हटाने का काम शुरू कर दिया। कई हिस्सों से रेलिंग हटाकर गुंबद के आर्च के नीचे लगाई गई हैं। वहीं गैलरी में केवल डेढ़ फुट जगह थी, जिसे बढ़ाकर तीन फुट किया गया है। रेलिंग को दीवारों की ओर खिसकाया गया है, लेकिन इससे रेलिंग लगाने का औचित्य ही खत्म हो गया।
सीआईएसएफ ने दिया था सुझाव
ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
अक्तूबर में एक करोड़ रुपये खर्च कर लगाई गई स्टील रेलिंग से जब अव्यवस्थाएं शुरू हुईं तो सीआईएसएफ ने इसे हटाने का सुझाव दिया था, लेकिन एएसआई अधिकारी इस पर राजी नहीं थे।
ताजमहल में मुख्य गुंबद के अंदर स्टील रेलिंग के कारण हर घंटे चार हजार से ज्यादा सैलानियों को कतार में लगना पड़ रहा था। डेढ़ से दो किमी लंबी कतार ताज के अंदर लग रही थी।
दरअसल, रेलिंग के अड़ंगे के कारण हर घंटे चार हजार सैलानी ताज पर रुक रहे थे। मंत्रालय की बैठक के बाद एएसआई ने शुक्रवार बंदी में ताज के अंदर रेलिंग हटवाने और चौड़ाई बढ़ाने का काम किया।
एएसआई के अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. भुवन विक्रम ने बताया कि मकबरे में रेलिंग की चौड़ाई बढ़ाने के साथ इसका प्रबंधन बेहतर किया जा रहा है ताकि पर्यटकों का आवागमन आसान हो सके। बुजुर्ग सैलानियों को जो दिक्कतें थी, उन्हें दूर किया गया है।
सीआईएसएफ कमांडेंट ब्रजभूषण का कहना है कि रेलिंग की चौड़ाई बढ़ाने के बाद गुंबद में एक की जगह दो से तीन कतार में लोगों का निकास संभव है, इससे गुंबद पर लगने वाली कतार में कमी आएगी और बेहतर भीड़ प्रबंधन हो पाएगा।