नए साल पर बाहर घूमने जाने वालों को एक सप्ताह तक कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल है। अधिकांश ट्रेनों में नो रूम है। एसी फर्स्ट से लेकर स्लीपर तक रिजर्वेशन नहीं मिल पा रहे हैं। यह हाल 20 दिसंबर से चल रहा है और जनवरी के पहले दो सप्ताह भी राहत नहीं है। यात्रियों को तत्काल कोटा भी बमुश्किल मिल पा रहा है।
तमिलनाडु एक्सप्रेस, कर्नाटका एक्सप्रेस, जबलपुर निजामुद्दीन हो या फिर केरला एक्सप्रेस। किसी भी श्रेणी में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल है। स्लीपर में वेटिंग 150 तो एसी सेकेंड में 110 दिखाई दे रही है। कुछ ट्रेनों में रिगरेट शो कर रहा है। बंगलूरू राजधानी हो या फिर निजामुद्दीन वंदेभारत, सभी में एक जैसे हालात बने हुए हैं। ऐसा नहीं है कि यह बुकिंग हाल में हुई हैं। 20 दिसंबर से ज्यादातर लंबी दूरी की ट्रेनों में कन्फर्म टिकट के लिए तत्काल कोटे का ही सहारा है। इस तत्काल कोटे के लिए भी स्टेशनों के दलालों से पार पाना होता है, क्योंकि मंडल के स्टेशनों पर कोटा वाली टोकन पाना भी आसान नहीं हैं।
इस संबंध में पीआरओ प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि नए साल पर ट्रेनों में वेटिंग है। जहां तक कुंभ जाने वाली ट्रेनों की बात है तो रेलवे कुंभ स्पेशल ट्रेनें चला रहा है।
प्रयागराज की ट्रेनों में सीट नहीं
भोपाल एक्सप्रेस, पंजाब मेल, झेलम एक्सप्रेस, जयपुर इलाहाबाद एक्सप्रेस, मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस, साईं नगर शिरडी सुपरफास्ट एक्सप्रेस, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस सहित 12 ट्रेनों में वेटिंग है। कुछ में रिजर्वेशन भी नहीं हो पा रहा है। ऐसे में नए साल पर इन ट्रेनों को छोड़कर साप्ताहिक ट्रेनों की ओर रुख करेंगे तो उनकी स्थिति भी बहुत बेहतर नहीं है। 14 जनवरी से प्रयागराज में शुरू होने वाले महाकुंभ के लिए ट्रेनों में बुकिंग हो चुकी है। साप्ताहिक ट्रेनों के अलावा बनारस-आगरा वंदेभारत में भी अगले कुछ दिनों तक सीट मिलना मुश्किल होगा।