कासगंज। कासगंज-बरेली रेलखंड पर किए जा रहे रेल लाइन के विद्युतीकरण पर चोर वक्रदृष्टि जमाए हुए हैं। पिछले एक सप्ताह में कई बार रेलवे की विद्युत लाइन के तार काटकर चोर चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए रेलवे ने सतर्कता बढ़ा दी है। रेलकर्मी निगरानी तो कर रहे हैं, लेकिन शाम होते ही तारों में करंट भी छोड़कर दिया जाता है।
शेखुपुर के पास पिछले एक सप्ताह में चार बार विद्युतीकरण रेल लाइन के तार चोर काटकर ले जा चुके हैं। वैसे तो यह वारदातें बदायूं जिले में हुई हैं, लेकिन सतर्कता कासगंज में भी रेलवे ने बढ़ा दी है। कासगंज क्षेत्र में जंक्शन स्टेशन से लेकर मानपुर नगरिया तक रेललाइन विद्युतकरण का काम पूरा हो चुका है। रेल विकास निगम संस्था की ओर से रेल लाइन विद्युतीकरण का काम किया जा रहा है। कासगंज जंक्शन से लेकर बरेली सिटी तक विद्युतीकरण होना है, लेकिन चोर रेलवे के काम में बाधा डाल रहे हैं। रेलवे के कर्मचारी पेट्रोलिंग के दौरान निगरानी कर रहे हैं। इसके अलावा रेलवे ने एक ठोस कदम उठाया है। विद्युत तारों में शाम होते ही करंट छोड़ दिया जाता है, ताकि हाई वोल्टेज करंट होने के कारण चोर तारों को न काट सकें।
निजी सुरक्षाकर्मी भी रख रहे नजर
कार्यदायी संस्था रेल विकास निगम के निजी सुरक्षाकर्मी भी विद्युत तारों की निगरानी कर रहे हैं। रात में सुरक्षाकर्मियों की टीम रेलकर्मियों से अलग निगरानी करती है। हालांकि अभी तक कासगंज क्षेत्र में विद्युत तार चोरी नहीं हुए हैं।
बढ़ रहा है खर्च
चोरों से बचाव के लिए विद्युत तारों में प्रतिदिन शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक करंट छोड़ा जाता है। ऐसे में बिजली का खर्चा बढ़ रहा है। इससे निश्चित ही रेलवे पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
विद्युत का किया परीक्षण
रेल विकास निगम के कर्मचारियों ने कासगंज जंक्शन से कासगंज सिटी तक विद्युत लाइन का परीक्षण किया। देखा कि कहीं लाइन में कहीं कोई कमी तो नहीं हैं। मानक के अनुरूप इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ाने के लिए लाइन फिलहाल सही मिली है।
आंकड़े की नजर से-
- 105 किलोमीटर तक कासगंज से बरेली के बीच हो रहा विद्युतीकरण का काम।
- 2021 तक विद्युतीकरण का काम पूरा करने का है लक्ष्य।
- 200 करोड़ रुपये से हो रहा है विद्युतीकरण का काम।
चल रहा है काम
बरेली से कासगंज के बीच विद्युतीकरण का काम तेजी से चल रहा है। अगले साल तक यह काम पूरा होने की उम्मीद है। सुरक्षा की दृष्टि से रेल विकास निगम अपने स्तर से विभिन्न तरीकों से निगरानी कर रही है। रेलवे भी सहयोग कर रहा है।
- राजेंद्र सिंह पीआरओ।