अबे मोटे, ऐ ठिगने या फिर कालू बोल रहा है तो ये रैगिंग है, इसकी सीधे शिकायत कीजिए। एंटी रैगिंग सेल ने मेडिकल के जूनियर छात्रों को रैगिंग की नई गाइड लाइन के बारे में जानकारी देते हुए उनको ऑनलाइन शिकायत करने के बारे में जागरूक किया।
मंगलवार को एंटी रैगिंग सेल के सदस्यों ने जूनियरों को रैगिंग के नए नियमों के बारे में जागरूक किया। सभी जूनियर छात्रों को एक-एक प्रति वितरण की गई। बताया गया कि जात, धर्म, रंगरूप, कदकाठी, क्षेत्र पर टिप्पणी करना रैगिंग में शुमार होगा।
कोई भी सीनियर किसी जूनियर को पहनावा, हेयर स्टाइल बदलने के लिए भी दबाव नहीं बना सकता। अगर कोई ऐसा करता है तो ये भी जूनियर की रैगिंग मानी जाएगी। इसकी शिकायत कोई जूनियर ऑनलाइन एंटी रैगिंग सेल पर कर सकता है।