आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सोमवार को 3928 मरीज पहुंचे। चार घंटे तक हॉल ठसाठस भरा रहा। मरीजों को इलाज के लिए तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। पर्चे और दवा के लिए धक्का-मुक्की और मारामारी झेलनी पड़ी। इससे बुजुर्ग मरीज परेशान हो गए।
ओपीडी सुबह 8 से दोपहर दो बजे तक चलती हैै। सुबह 9 से ही हॉल ठसाठस भर गया। यहां तक कि गेट के बाहर तक लाइन लग गई। दोपहर एक बजे तक यही स्थिति बनी रही। काउंटरों पर लंबी लाइन लगी रही। मरीजों को पर्चा बनवाने से दवा लेने के लिए लाइन में लगना पड़ा। इस तरह से तीन घंटे में से अधिक समय में इलाज मिला।
लंबी लाइन में खड़ा रहने से कई मरीज परेशान हो गए। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि सोमवार को अन्य दिनों के मुकाबले मरीजों की संख्या डेढ़ गुना तक होती है। सुविधाएं बढ़ने से दूसरे आसपास के जिलों और राज्यों से भी मरीज आ रहे हैँ। ऑनलाइन काउंटर पर स्टाफ भी बढ़ाया है।
ये बोले मरीज:
तीन घंटे में मिल पाया इलाज
- पत्नी को सांस की परेशानी है। लाइन में खड़े रहने से उसकी हालत खराब होने पर खुद लाइन में लगा। डेढ़ घंटे में पर्चा बन पाया। डॉक्टर को दिखाकर दवा लेने में तीन घंटे लग गए। काउंटर की संख्या बढ़नी चाहिए।
राकेश कुमार, बिचपुरी
लाइन में खड़े रहने से पति की हालत बिगड़ी
- पति को बुखार-खांसी की परेशानी थी। काफी देर तक लाइन में लगने से उनकी हालत खराब हो गई। इस पर वे बाहर निकल आए। पर्चा, दवा और डॉक्टर को दिखाने के लिए मारामारी रही।
राजकुमारी देवी, सिकंदरा
वायरल फीवर, हड्डी रोग, त्वचा और सांस के सबसे अधिक मरीज
- बदले मौसम से वायरल फीवर, जोड़ों में दर्द, त्वचा और अस्थमा की परेशानी बढ़ रही है। वक्ष एवं क्षय रोग विभाग के डॉ. जीवी सिंह ने बताया धूल-धुआं के कारण अस्थमा और सांस रोगियों की सांस उखड़ रही है। इनको डोज बढ़ाकर देनी पड़ रही है। बाल रोग विभाग के डॉ. रामक्षितिज शर्मा ने बताया कि बुखार, खांसी, गले में खराश और निमोनिया से पीड़ित सबसे ज्यादा हैं।
ओपीडी की स्थिति:
3928: मरीज आए