आगरा। जिले में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश प्रीमियर लीग (यूपी टी-20) के चौथे संस्करण की नीलामी हुई। आगरा के 10 खिलाड़ियों में से केवल दो चुने गए, जिससे चयन प्रक्रिया पर सवाल उठे। इस पर उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) और आगरा क्रिकेट एसोसिएशन ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
यूपीसीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंकित चटर्जी ने कहा है कि नीलामी पूरी तरह फ्रेंचाइजी आधारित प्रक्रिया है। प्रत्येक टीम अपने संयोजन, रणनीति और जरूरतों के अनुसार खिलाड़ियों का चयन करती है। एसोसिएशन की जिम्मेदारी केवल नीलामी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है।
आगरा क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील जोशन ने भी यही बात दोहराई। उन्होंने कहा कि जिला क्रिकेट एसोसिएशन का दायित्व आयोजन और समन्वय तक सीमित है। किसी खिलाड़ी को खरीदना या नहीं खरीदना फ्रेंचाइजी टीमों का विशेषाधिकार है। इसमें जिला क्रिकेट एसोसिएशन का कोई हस्तक्षेप नहीं होता।
वहीं अनसोल्ड खिलाड़ियों की निराशा पर सुनील जोशन ने सहानुभूति जताई। उन्होंने कहा कि किसी भी खिलाड़ी को हताश नहीं होना चाहिए। क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन ही सबसे बड़ा जवाब है। प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भविष्य में कई अवसर मिलेंगे। यूपी टी-20 जैसे मंच प्रदेश के खिलाड़ियों को प्रतिभा दिखाने का अवसर देते हैं।