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दुकानदार से मारपीट में पुलिस कार्रवाई पर सवाल

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फिरोजाबाद। नरक चतुर्दशी के दिन कथित तौर पर एक शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी की पत्नी का दुकानदार से विवाद का मामला सुर्खियों में है। भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष को इस घटना से जुड़ी जानकारी साझा की है, वहीं समाजवादी पार्टी ने भी राष्ट्रीय अध्यक्ष को इस घटनाक्रम से अवगत कराया है। उधर पूरे मामले में पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहा है।
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चर्चा है कि बड़े अधिकारी के आदेश पर पुलिस के आलाधिकारियों ने इस मामले को भले ही दो लोगों के आपसी झगड़ा बताकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की है, लेकिन चिकित्सक व व्यापारी के खिलाफ 151 में मामला दर्ज कर आनन फानन जेल भेजे जाना किसी के गले नहीं उतर रहा। भाजपा के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री व प्रदेश अध्यक्ष से आरोपी महिला के बारे में लिखित शिकायत भी की है। दरअसल घटनाक्रम के बाद पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर कब्जे में ले लिया था। इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोग जानना चाह रहे हैं कि डीवीआर साक्ष्य था, आखिर उसे ले जाने की जरूरत क्यों पड़ी। वीडियो बनाने वाले दुकानदारों के मोबाइल क्यों जब्त किए गए? जो अभी तक वापस भी नहीं किए गए हैं। पीड़ित व्यापारी को आनन फानन जेल क्यों भेजा गया। इस मामले में पूर्व आईपीएस व अधिकार सेना के अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने सोशल मीडिया पर वीडियो के जरिए सवाल उठाया है। उन्होंने महिला का जिक्र करते हुए कहा है कि आलाधिकारी के कहने पर दुकानदारों की पिटाई करने के बाद जेल भेजने की कार्रवाई निंदनीय है। इस तरह सपा महानगर अध्यक्ष योगेश गर्ग ने प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखकर घटनाक्रम से अवगत कराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के आलाधिकारी की पत्नी व उनके भाइयों ने दुकानदारों से गलत व्यवहार व मारपीट की। जेल भी फर्जी आरोप लगाकर भेजा।
झगड़े की सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची थी। जांच के बाद विधिक कार्रवाई की जा चुकी है। कमलेश कुमार, थाना प्रभारी रसूलपुर
उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल का शिष्ट मंडल के प्रदेश अध्यक्ष बीएस गुप्ता के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल एसपी सिटी से मिला। आसफाबाद के कपड़ा व्यापारी मुनीम जी क्लॉथ स्टोर पर मारपीट एवं अभद्रता की निंदा की। व्यापारी परिवार अब भी दहशत में है। पीड़ित व्यापारी को राहत देने की मांग की। इधर चाणक्य फाउंडेशन के पंडित अखिलेश शर्मा एवं व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अनिल मैनेजर ने कहा कि शहर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मुकेश यादव, कपड़ा व्यापारी के साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया वह निंदनीय है। सबूत मिटाने के लिए डीवीआर को जबरन निकाल ले जाना, चिकित्सक के साथ उपनिरीक्षक द्वारा अभद्रता पूर्ण व्यवहार करना निंदनीय है।
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