बैठक में चौधरी कृपाल सिंह, पंकज उपाध्याय, मनोज चौधरी, जय प्रकाश चौधरी ने संयुक्त रूप से बताया कि जिले में पीडब्ल्यूडी ने सड़कों के गड्ढे भरने के लिए जो टेंडर निकाले थे वह ठेकेदारों ने नहीं भरे। टेंडर निरस्त हो गए। दोबारा निकाले गए टेंडर का बहिष्कार कर चुके हैं। आरोप है कि अधिशासी अभियंताओं और बाबूओं ने डमी फर्में बना रखीं हैं, जिन्हें अनुबंध पत्रों पर काम बांट कर गड्डे मुक्ति के नाम पर घोटाला किया जा रहा है।
845 किमी सड़कें जर्जर
जिले में पीडब्ल्यूडी की कुल 1693 सड़कें हैं। जिनकी लंबाई 4225 किमी है। इनमें 845 किमी लंबाई में सड़कें जर्जर हैं। 670 किमी सड़कों पर गड्ढे हैं जबकि 175 किमी सड़कों का नवीनीकरण होना है। सड़कों के लिए 3.50 करोड़ रुपये से अधिक पीडब्ल्यूडी को मिला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 नवंबर तक सड़कों के गड्ढे भरने के आदेश दिए हैं। ऐसा नहीं होने पर अधिशासी अभियंताओं के विरुद्ध कार्रवाई हो सकती है।