क्षतिग्रस्त जवाहर पुल की मरम्मत बिहार से आने वाली मशीनों से ही शुरू हो सकेगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इंजीनियर ऊपरी हिस्से में आई दरार को पाटने के लिए हाइड्रोलिक प्रेशर देकर पुल को ऊंचा उठाएंगे। इसके बाद काम शुरू होगा। अभी तक प्लेट्स लगाने का काम पूरा हो चुका है।
बता दें, जवाहर पुल पर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने के साथ ही एनएचएआई ने काम शुरू करवाने की बात कही थी, लेकिन एक सप्ताह बीतने के बाद भी पुल पर कछुआ गति से कार्य चल रहा है। अभी तक मशीनें ही नहीं आ सकी हैं। इंजीनियरों का कहना है कि इस कार्य में समय लगेगा। पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से से टूटी रोलर बियरिंग निकाल कर उनके स्थान पर नई बियरिंग लगाई जानी है। इसके लिए प्रथम चरण में स्टील की प्लेट्स को पुल के ऊपरी हिस्से में सेट कर दिया गया है। इन प्लेट्स की मदद से पुल को और ज्यादा धसने से रोका गया है। पुल का क्षतिग्रस्त हिस्सा करीब पांच इंच धस गया था। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि बिहार से मशीनें आने के बाद काम शुरू हो सकेगा। सोमवार शाम चार बजे तक मशीनें चढ़ाने का काम जारी था।