संजय गांधी और रुखसाना सुल्ताना के बीच खास रिश्ता था। वह कभी युवक कांग्रेस की सदस्य नहीं रहीं, लेकिन इसके बावजूद उनकी खूब चलती थी। पार्टी की पराजय के बाद युवक कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष अंबिका सोनी ने कहा कि रुखसाना सुल्ताना युवक कांग्रेस की सदस्य नहीं थीं। इसके बावजूद संजय गांधी के कारण कांग्रेस सरकार में वह दखल रखती थीं।
अमर उजाला में 8 मई 1977 को प्रकाशित खबर के अनुसार, अंबिका सोनी ने कहा कि रुखसाना सुल्ताना का संजय गांधी पर काफी प्रभाव था। युवक कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष ने स्वीकार किया कि युवक कांग्रेस में अपराधी और गुंडे भर गए थे। इन्होंने लोगों से खूब पैसे ऐंठे। उन्होंने माना कि युवक कांग्रेसियों ने ज्यादती की। पार्टी के वरिष्ठ सदस्यों ने युवक कांग्रेस का अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया।
अंबिका ने कहा कि अपराधी किस्म के लोगों ने संजय गांधी को बढ़ावा दिया और अपना स्वार्थ सिद्ध किया। सोनी ने बताया कि इमरजेंसी के दौरान उन्होंने दो बार इस्तीफा दिया, लेकिन इस समाचार को सेंसर कर दिया। अंबिका ने कहा कि परिवार नियोजन समिति में वह इसलिए शामिल नहीं हुईं क्योंकि, रुखसाना इसमें विशेष दिलचस्पी ले रहीं थीं।
उन्होंने राजफाश किया कि निरक्षरता उन्मूलन समिति में शिक्षाविदों के नाम भेजे गए थे, लेकिन उस समिति में रुखसाना सुल्ताना के अलावा उनका और जगदीश टाइटलर का नाम था। हम तीनों को ही शिक्षा क्षेत्र के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी।
उन्होंने उप राज्यपाल से इसका विरोध किया तो उन्हें जवाब दिया गया कि आदेश ऊपर से आए हैं। अंबिका सोनी से जब दिल्ली फ्लाइंग क्लब के अध्यक्ष बलराज चोपड़ा के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि इस बारे में चुप रहा जाए तो ही बेहतर है।