फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: पुडुचेरी में नकली दवा फैक्टरी का भंडाफोड़, एक करोड़ की दवाएं जब्त; आगरा से भी जुड़ा कनेक्शन

Thu, 04 Sep 2025 10:10 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

सीडीएससीओ और ड्रग कंट्रोलर ने पुडुचेरी में नकली दवा फैक्टरी पर छापा मारकर करीब एक करोड़ की दवाएं जब्त कीं। जांच में आगरा की मेडिकल एजेंसियों से जुड़ा बड़ा नेटवर्क सामने आया, 223 करोड़ का संदिग्ध कारोबार उजागर।
विज्ञापन
agra fake medicine raids - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सेंट्रल ड्रग्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (सीडीएससीओ) और ड्रग कंट्रोलर विभाग की संयुक्त टीम ने पुुडुचेरी के मेट्टुपालयम में नकली दवा बनाने की फैक्टरी पकड़ी है। यहां 99.47 लाख रुपये की दवाएं और दवाओं के रैपर समेत अन्य सामग्री जब्त की है। जांच के लिए नमूने लेकर कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया है। ये बंद हो चुकी फर्म के नाम पर नकली दवा बनाने का कारोबार होता था।
विज्ञापन


 
Trending Videos

औषधि विभाग ने आगरा में हे मां मेडिकोज और बंसल मेडिकल एजेंसी पर छापा मारा था। इसमें हे मां मेडिकोज के यहां से करीब 2.50 करोड़ की नकली दवाएं जब्त कीं। एक करोड़ रुपये की रिश्वत देने पर संचालक हिमांशु अग्रवाल जेल भेज दिया। इसके पुडुचेरी के मीनाक्षी फार्मा का से दवाएं मंगवाता था। इसका संचालक एके राजा है। इसकी रिपोर्ट औषधि विभाग ने सीडीएससीओ और ड्रग कंट्रोलर को भी दी।
 

इस पर टीम ने पुडुचेरी के मेट्टुपालयम इंड्रस्ट्रियल एरिया स्थित गोदाम पर छापा मारा। टीम को यहां नकली दवाएं, इनकी पैकिंग सामग्री, कैप्सूल के खाली रैपर, फॉयल, कार्टन समेत कई सामान जब्त किए हैं। दवाओं की जांच करने पर नैचुरल कैप्सूल प्राइवेट पाया कि यहां चार कंपनियों के नाम से दवाएं बनाई जा रही थीं। इनमें एक कंपनी चेन्नई की भी है। ये फर्म लंबे समय से बंद हैं। दवाओं और सामग्री को सीज करते हुए गोदाम सील कर दिया है। टीम को कई और गोदाम होने की आशंका है। इसकी जांच चल रही है। टीम ने कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया है। सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि पुडुचेरी में भी नकली दवा फैक्टरी पर छापा मारकर सीज करने समेत अन्य कार्रवाई हुई है।
विज्ञापन

फर्म संचालकों को नहीं पकड़ सकी एसटीएफ
कोतवाली के बाजार में नकली दवाओं को खपाने के मामले में तीन मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। मगर लखनऊ और पुडुचेरी फर्म के संचालक अब तक नहीं पकड़े जा सके हैं। जेल भेजे गए 4 आरोपियों से मिली जानकारी के बाद एक भी आरोपी नहीं पकड़ा जा सका है। एसटीएफ की जांच में लखनऊ की न्यू बाबा फार्मा के विक्की कुमार, पार्वती ट्रेडर्स के सुभाष कुमार और पुडुचेरी की मीनाक्षी फार्मा से जुड़े राजा उर्फ एके राना की एसटीएफ तलाश में लगी है। तीनों फर्मों के संचालक अभी तक पकड़ से दूर हैं। लखनऊ के फर्म संचालकों की लोकेशन गोवा में मिली है। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि दवाओं के मामले में 3 और 1 रिश्वत देने के मामले में केस दर्ज किया गया है। दवाओं के फर्जीवाड़े की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। एसटीएफ की ओर से अपनी अलग पड़ताल की जा रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें