आगरा के खंदौली कस्बा के एक गांव में मंगलवार शाम को मां के साथ घर जा रही मनोरोगी युवती को दो युवक बाइक पर अगवा कर ले गए। मां के विरोध करने पर उन्हें धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। परिजन ने तलाश की। 6 घंटे बाद युवती गांव के बाहर जंगल में बेहोशी की हालत में मिली। मामले में परिजन ने तहरीर दी। पुलिस ने केस दर्ज कर दोनों आरोपियों को जेल भेजा है।
खंदाैली की रहने वाली महिला ने बताया कि 30 वर्षीय बेटी मानसिक रोगी है। मंगलवार शाम 5 बजे वह बेटी के साथ बाजार से खरीदारी करके घर आ रही थीं। रास्ते में एक बाइक पर सवार गांव पैंतखेड़ा निवासी जयवीर सिंह और महेश आए। उन्होंने बेटी को बाइक पर अगवा कर ले गए। विरोध करने पर उन्हें धक्का देकर गिरा दिया। मां ने घर पहुंचकर परिजन को आपबीती बताई।
रात करीब 11 बजे गांव के बाहर जंगल में एक जगह आरोपियों की बाइक खड़ी थी। जंगल में अंदर जाने पर दोनों युवक मिल गए। परिजन ने उनको पकड़ लिया। वहीं युवती बेहोशी की हालत में पड़ी थी। उसके शरीर पर चोट के निशान थे। आरोपियों को थाने ले गए। वहीं युवती को घर ले आए। घटना की जानकारी पर पुलिस गांव पहुंच गई।
परिजन का आरोप है कि बेटी मनोरोगी है। वह ठीक से अपनी बात नहीं कह पाती है। पुलिस घर आई तब तक उसे ठीक से होश नहीं आया था। उन्होंने थाने जाकर तहरीर दी। इस पर मारपीट और अपहरण की धारा में केस दर्ज कर लिया गया। मगर, उन्हें बाद में पता चला कि युवकों ने बेटी के साथ दुष्कर्म किया।
जब पुलिस को इस बारे में बताया तो उनका कहना था कि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर विवेचना की जाएगी। जबकि पुलिस घटना के बाद ही दुष्कर्म की धारा में मुकदमा दर्ज कर सकती थी। बेटी को 6 घंटे तक आरोपी अपने साथ घुमाते रहे थे। इसकी जानकारी के बावजूद पुलिस ने लापरवाही की।
एत्मादपुर एसीपी पियूष कांत राय ने बताया कि आरोपी जयवीर सिंह और महेश को अपहरण और मारपीट के आरोप में जेल भेजा गया है। युवती का मेडिकल कराया जाएगा। इसमें दुष्कर्म की पुष्टि होने पर धारा की वृद्धि कर कार्रवाई की जाएगी। पीड़िता के बयान भी दर्ज कराए जाएंगे।