नगर निगम में प्रदर्शन करते लोग।
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आगरा में दलित और मुस्लिम बस्तियों की सड़कों पर बदहाली और गंदगी के खिलाफ सोमवार को आक्रोश फूट पड़ा। डॉ. आंबेडकर अनुयायी एकता फाउंडेशन के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने नगर निगम परिसर में ताली और थाली बजाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि 10 दिन के भीतर क्षेत्रों का निरीक्षण कर कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे जनप्रतिनिधियों के खिलाफ गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराएंगे।
कुंभकर्णी नींद में सो रहे जिम्मेदार
फाउंडेशन के अध्यक्ष आशीष प्रिंस ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद जनप्रतिनिधि गायब हो गए हैं। वार्ड संख्या 3, 4, 5, 7, 42, 46, 58, 60, 62 और 81 सहित कई इलाकों में सड़कें तालाब बन चुकी हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, जब ताली-थाली बजाकर कोरोना जैसी बीमारी भाग सकती है, तो क्षेत्र की जनसमस्याएं क्यों नहीं, प्रदर्शन के बाद अपर नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा गया।
नाले में गिर रहे बच्चे
विवेक बौद्ध और राहुल वरुण ने कहा कि बदहाल सड़कों और खुले नालों के कारण बच्चों का घर से निकलना दूभर हो गया है। शनिवार को भी दो मासूम बच्चे नाले में गिर गए थे, जिन्हें स्थानीय लोगों ने बमुश्किल बचाया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि दलित-मुस्लिम बस्तियों के साथ विकास के नाम पर भेदभाव किया जा रहा है और योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित हैं। इस दौरान भीम प्रकाश, रोहन माथुर, टोनी कुमार, रोहित कुमार, मौसिम कुरैशी, दीप माला, गुड्डी देवी, रीना देवी, नाजरीन आदि मौजूद रहे।