बालाजीपुरम के लगभग 120 घरों के ऊपर से गुजर रही 33 केवीए की हाईटेंशन लाइन को शिफ्ट करने की भाजयुमो की मांग पर टोरंट ने पानी फेर दिया है। कंपनी ने साफ शब्दों में कह दिया कि मकान अवैध रूप से बने हैं। ऐसे में लाइन शिफ्ट करना मुमकिन नहीं। इससे पहले भाजयुमो के नेतृत्व में लोगों ने लगभग तीन घंटे तक टोरंट कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
दरअसल, हाईटेंशन लाइन के कारण इस कालोनी के लोगों की जिंदगी पर हर समय संकट मंडराता रहता है। कई बार हादसे भी हो चुके हैं। इस लाइन को शिफ्ट करने की मांग को लेकर लोग सोमवार पूर्वाह्न लगभग 11 बजे रामनगर स्थित टोरंट कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों को देखते ही कर्मचारियों ने कार्यालय का मुख्य गेट बंद कर दिया। इससे भड़के प्रदर्शनकारियों ने टोरंट के महाप्रबंधक के खिलाफ नारेबाजी की। वे गेट पर ही धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। दोपहर लगभग दो बजे पुलिस की मौजूदगी में लोगों ने टोरंट अधिकारियों से वार्ता कर ज्ञापन दिया। भाजयुमो जिलाध्यक्ष सोनू चौधरी, जिलामंत्री राहुल चौधरी, केके भारद्वाज, अंकित बंसल, शशि शर्मा, रजनी बंसल समेत बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद रहीं। इधर, कंपनी के पीआरओ रजनीश पाठक का कहना है कि वहां बिजली की लाइन काफी पुरानी है। एक्ट के मुताबिक, तारों के नीचे मकान नहीं बनाए जा सकते। लाइन शिफ्ट करना मुमकिन नहीं है।
तालाबंदी पर कानूनी कार्रवाई कर रही टोरंट
आगरा। बालाजीपुरम से हाईटेंशन लाइन की शिफ्टिंग के पूर्व के वायदे से टोरंट पावर बेशक मुकर गई हो, लेकिन जिन कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन में तालाबंदी की, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी जरूर कर रही है। पीआरओ रजनीश पाठक ने बताया कि आफिस में तालाबंदी कर व्यवधान किया गया है। ऐसे लोगों को चिह्नित कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।