शमसाबाद रोड स्थित पावर ग्रिड कारपोरेशन के गेट पर 20 दिनों से धरना दे रहे भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) और पावर ग्रिड के अधिग्रहण से प्रभावित 14 गांवों के किसानों का प्रदर्शन गुरुवार को समाप्त हो गया। भाकियू के अध्यक्ष राकेश टिकैत की मौजूदगी में पावर ग्रिड के अधिकारियों ने किसानों की मांगों पर कार्यवाही को मार्च तक समय मांगा है। किसानों ने निर्णय लिया है कि इस बीच किसी भी गांव के किसान बिजली का बिल अदा नहीं करेंगे।
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के जिलाध्यक्ष श्याम सिंह चाहर ने बताया कि पावर ग्रिड के गेट पर हुई महापंचायत में भाकियू के अध्यक्ष राकेश टिकैत की उपस्थिति में किसानों और पावर ग्रिड के अधिकारियों के बीच समझौता हो गया। अधिग्रहण से प्रभावित गांवों में मुफ्त बिजली देने के संबंध में पावर ग्रिड के अधिकारियों ने मार्च तक समय मांगा है। इस बीच किसानों के बिजली के बिल का भुगतान पावर ग्रिड द्वारा करने का निर्णय लिया गया। पावर ग्रिड की ओर से किसानों पर दर्ज कराए गए मुकदमे वापस लिए जाएंगे। शहीद किसान सौदान सिंह के परिवार को ग्रिड पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद देगी। सभी प्रभावित गांवों में कम्यूनिटी हाल का निर्माण किया जाएगा।
किसानों की मांग थी कि उनके खेतों में टावर खड़े होने की वजह से जमीन न खेती के लायक रही है और ना ही निर्माण के लायक, लिहाजा पावर ग्रिड जमीन का अधिग्रहण कर ले, इस पर भी सहमति बन रही है। पावर ग्रिड जमीन का अधिग्रहण कर सकता है और किसानों को खेती के लिए लीज पर दी जा सकती है। परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी के संबंध में अभी बात नहीं बनी है। इस पर किसान अभी बैठक कर अंतिम निर्णय लेंगे। पंचायत में पावर ग्रिड के जीएम, एजीएम, एडीएम सिटी राजेश श्रीवास्तव, एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह भी मौजूद थे।
राकेश टिकैत ने अधिकारियों से कहा कि यदि किसानों की मांगें नहीं मानी गईं तो मार्च में किसान आरपार की लड़ाई लड़ेंगे।
महापंचायत में भारी भीड़
महापंचायत में भारी भीड़ पहुंची। सुबह से ही लोग ट्रैक्टर ट्रालियों में भरकर पहुंचने लगे थे। बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं, वृद्ध और बच्चे मौजूद रहे। राकेश टिकैत पहले एसएन मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती जिलाध्यक्ष श्याम सिंह चाहर को देखने पहुंचे, उसके बाद धरना स्थल पर। टिकैत के पहुंचते ही किसानों का जोश कई गुना हो गया।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे
शमसाबाद और फतेहाबाद में बवाल के चलते पुलिस प्रशासन पहले से ही फूंक फूंक कर कदम रख रहा है। ऐसे में किसानों का प्रदर्शन उनके लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है। राकेश टिकैत के आने से महापंचायत और भी संवेदनशील हो गई थी। इसके चलते बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स वहां तैनात रही।