फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra News: श्रम कानूनों में बदलाव का विरोध...श्रमिक नेता बोले- अंग्रेजों के जमाने में भी इतने गुलाम नहीं थे

Wed, 26 Nov 2025 10:12 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

श्रमिक संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि 44 श्रम कानूनों को खत्म कर सरकार ने 4 कानूनों में बदल दिया है। नए श्रम कानून में 300 कर्मचारियों के प्रतिष्ठानों में छंटनी के लिए सरकार से इजाजत लेने की जरूरत नहीं, जबकि पहले 20 कर्मचारियों से अधिक वाले प्रतिष्ठानों को सरकार से अनुमति लेनी पड़ती थी।
 
विज्ञापन
कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

श्रम कानूनों में बदलाव का विरोध शुरू हो गया है। बुधवार को एक दर्जन से अधिक श्रम संगठनों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। परिसर में लाल झंडे ही दिखाई दे रहे थे। श्रमिक नेताओं ने कहा, मजूदरों को जितना गुलाम वर्तमान सरकार बना रही है, उतने गुलाम तो मजदूर अंग्रेजों के जमाने में भी नहीं रहे।
विज्ञापन


प्रदर्शन में अखिल भारतीय असंगठित कर्मचारी मजदूर यूनियन, संयुक्त किसान मोर्चा, ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस, संगठित एवं असंगठित मजदूर संगठन, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, जिला ट्रेड यूनियन काउंसिल, यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन सहित एक दर्जन संगठनों ने नए श्रम कानूनों की वापसी के लिए राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट वेद सिंह चौहान को सौंपा। श्रमिक नेता भगवान सिंह ने कहा कि 44 श्रम कानूनों को खत्म कर सरकार ने 4 कानूनों में बदल दिया है। नए श्रम कानून में 300 कर्मचारियों के प्रतिष्ठानों में छंटनी के लिए सरकार से इजाजत लेने की जरूरत नहीं, जबकि पहले 20 कर्मचारियों से अधिक वाले प्रतिष्ठानों को सरकार से अनुमति लेनी पड़ती थी।

कर्मचारी नेता लक्ष्मी नारायण शर्मा ने कहा कि पुराने श्रम कानून में आठ घंटे से अधिक कार्य करने पर ओवर टाइम की गारंटी थी। नए श्रम कानून में 12-12 घंटे कार्य करने पर भी ओवर टाइम नहीं मिलेगा। किसान सभा प्रदेश अध्यक्ष भारत सिंह ने कहा कि सरकार ने कृषि कानून वापस लेते समय जो वादे किए थे उनसे सरकार अब मुकर गई है। नए श्रम कानूनों से श्रमिकों का शोषण बढ़ेगा। उनकी सामाजिक सुरक्षा के लिए खतरा होगा।
विज्ञापन


प्रदर्शन में पूरन सिंह ने कहा कि सरकार, अंग्रेजों से भी ज्यादा मजदूरों को गुलाम बनाने पर तुली है। इस दौरान रामनाथ शर्मा, सत्य नारायण शर्मा, शरीफ खां, धर्मजीत सिंह, हरिविलास दीक्षित, श्रीलाल तोमर, ताराचंद, भानु प्रताप सिंह, राम प्रकाश धाकरे, राजेंद्र, किरन सिंह, पूरन सिंह नागर, डालचंद, अरविंद प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें