उत्तर प्रदेश के आगरा में रविवार को गैंगस्टर आरोपियों की संपत्ति कुर्क की गई। सुनो-सुनो...सैय्यद पाड़ा, लोहामंडी का अली शेर कुख्यात अपराधी है। गैंगस्टर एक्ट में आरोपी है। आमजन को धमका कर आर्थिक और भौतिक लाभ लेता है। जब्त की जा रही संपत्ति अपराध से अर्जित की है। समाज में भय और आतंक पैदा करता है। उसकी संपत्ति को कुर्क किया जा रहा है।
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इसी तरह बेसन बस्ती का वसीमुद्दीन जुआ-सट्टा कराता है। रविवार को पुलिस ने दोनों गैंगस्टर की 1.36 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति को कुर्क किया। पुलिस ढोल लेकर पहुंची थी। ढोल बजाकर लोगों को इकट्ठा किया गया। इसके बाद लोगों को गैंगस्टर की जानकारी देकर कार्रवाई से अवगत कराया गया।
रविवार शाम 4 बजे के करीब पुलिस सबसे पहले दीनदयाल उपाध्याय पुरम, सेक्टर-1 पहुंची। यहां ढोल भी बजाया गया। माइक से बोला उद्घोष भी किया गया। इस पर लोगों की भीड़ लगी। एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी ने बताया कि अली शेर वर्ष 1997 से अपराध करता आ रहा है। वह जमीनों पर कब्जा, हत्या के प्रयास जैसे अपराध कर चुका है। उसके खिलाफ अब तक 22 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
इनमें बलवा, गृहभेदन, हत्या के प्रयास, लूट, गैंगस्टर, गुंडा एक्ट के मुकदमे शामिल हैं। उसके खिलाफ वर्ष 2023 में थाना जगदीशपुरा में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसकी विवेचना थाना शाहगंज पुलिस ने की। आरोपी ने अपराध से अर्जित धन से अवैध संपत्ति अर्जित की है। इसको चिह्नित किया गया।
उसका आवास विकास कालोनी के सेक्टर स्थित दीनदयाल उपाध्याय पुरम में एक मकान है। इसकी कीमत तकरीबन 1.20 करोड़ रुपये है। आरोपी ने मकान को अपनी पत्नी जेवा अली के नाम पर खरीदा है। इसको कुर्क कर दिया गया। लोगों को बताया कि इस संपत्ति का विक्रय नहीं किया जा सकता है।
इसी तरह गांव अंगूठी में वसीमुद्दीन उर्फ वसीम उर्फ बछड़ा के 83.61 वर्ग मीटर के एक प्लाट को कुर्क किया गया। इसकी वर्तमान में कीमत 16.76 लाख रुपये है। आरोपी वर्ष 2016 से अपराध करता आ रहा है। भूमाफिया में भी चिह्नित है। उसके खिलाफ पांच मुकदमे अब तक दर्ज हो चुके हैं। उसके खिलाफ लोहामंडी थाने में वर्ष 2022 में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। उसने अवैध धन से संपत्ति अर्जित की। इस पर चिह्नित कर कार्रवाई की गई।
कमिश्नरेट बनने के बाद पुलिस की कार्रवाई धीमी
गैंगस्टर एक्ट में एक साथ दो अपराधियों पर शिकंजा कसा गया। मगर, यह कार्रवाई कमिश्नरेट बनने के कई माह बाद की गई। वर्ष 2021 और 2022 में 14 महीने के अंदर 14 गैंगस्टर के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। इसमें अपराधी से लेकर दवा माफिया तक शामिल थे। मगर, नवंबर 2022 में कमिश्नरेट बनने के बाद चंद गैंगस्टरों पर ही यह कार्रवाई सीमित रह गई, जबकि पुलिस ने कई बड़े अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मुठभेड़ में भी अपराधी पकड़े गए। बड़े अपराधियों ने पुलिस पर भी हमले किए।
पुलिस कार्रवाई की जानकारी पर अलीशेर की पत्नी मौके पर पहुंच गई। उसने कार्रवाई का विरोध किया। कहा कि पुलिस गलत तरीके से संपत्ति कुर्क कर रही है। हालांकि पुलिस ने पुलिस आयुक्त न्यायालय का आदेश दिखाया। इसके बाद उन्हें घर से हटा दिया गया। पुलिस का कहना है कि अली शेर का पुश्तैनी घर लोहामंडी में है। उसका परिवार वहां रह रहा है।