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UP: वर्ष 2024 का वो वादा...जो रह गया अधूरा, 904 गांव को नहीं मिल सका गंगाजल; दावों की मियाद हुई पूरी

Wed, 01 Jan 2025 08:04 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

नए साल 2025 का स्वागत हो चुका है, लेकिन ऐसे में आगरा में 2024 के लिए किया गया हर घर गंगाजल पहुंचाने का वादा पूरा न हो सका। दिसंबर तक दावों की मियाद पूरी हो गई, लेकिन अब भी 904 गांव में गंगाजल नहीं पहुंच सका है। 

 
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पेयजल योजना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भूगर्भ जल में फ्लोराइड ज्यादा होने से अपंग हो चुके पट्टी पचगाई, पचगाई खेड़ा और इसके आसपास के गांमों के साथ जिले के 904 गांवों में गंगाजल की आस अधूरी रही। 31 दिसंबर तक जलजीवन मिशन के तहत इन सभी गांवों को गंगाजल देना था, लेकिन 20 फीसदी काम भी पूरा नहीं हुआ। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
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मंगलवार को बरौली अहीर के गांव गुतिला में बनाए जा रहे भूमिगत जलाशय (सीडब्ल्यूआर) पर ग्रामीण पहुंचे और अधूरा काम देखकर आक्रोश जताया। फ्लोराइड से पीड़ित ग्रामीणों को गंगाजल देने के मामले में कानूनी लड़ाई लड़ने वाले एक्टिविस्ट गिरीश चंद्र शर्मा ने बताया कि सिर्फ 20 फीसदी काम किया गया है। जबकि योजना 31 दिसंबर तक पूरी की जानी थी। जलनिगम की ढिलाई के कारण दूषित पानी लोगों तक पहुंच रहा है। पूरी पीढ़ी फ्लोराइडयुक्त पानी के कारण अपंग हो गई। कोई घर ऐसा नहीं, जहां फ्लोराइड पीड़ित न हों। जलनिगम की लापरवाही का खामियाजा 904 गांवों के लोग उठा रहे हैं।

 

मॉनिटरिंग कमेटी का हो गठन
जल जीवन मिशन का काम कर रही कंपनियां मेघा इंजीनियरिंग और एनसीसी एपको सरकार के चुनावी बांड मामले में चर्चित हो चुकी हैं। ये दोनों कंपनियां ही गंगाजल लाने की योजना में लगी हैं। 2600 करोड़ रुपये की इस योजना में हर माह समीक्षा के लिए मॉनिटरिंग कमेटी के गठन की मांग ग्रामीणों ने की है, जिसकी अध्यक्षता मंडलायुक्त करें। रवि सिंह, यदुवीर सिंह, अतुल पाठक ने चेतावनी दी कि अगर योजना ऐसे ही लापरवाही से चलती रही तो आंदोलन, अनशन, भूख हड़ताल जैसे कदम उठाने होंगे। इस दौरान राजवीर सिंह, मुकेश चंद्र शर्मा, सुभाष चंद्र शर्मा, भगवती प्रसाद, रविंद्र कुमार, मनोज कुमार, नरेंद्र सिंह आदि रहे।
 
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न्यूमेरिक्स
- 417 ओवरहेड टैंक बनाए जाने हैं
- 17 भूमिगत जलाशय बनाने थे
- 2,96,833 घरों में पहुंचाना था पानी
-10,241 किमी लंबी राइजिंग मेन बिछाई जानी है
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