आगरा में 24 वर्षीय प्रोग्रामर सिद्धांत की हत्या के बाद जब लाश घर पहुंची, तो पिता की आंखों से आंसुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। वो बार-बार ये ही कहे जा रहे थे कि 'अब मुझे डॉक्टर के पास कौन ले जाएगा, मेरा तो सबकुछ लुट गया।' वहीं सिद्धांत की बहन रोते-रोते बेसुध हो गई।
आगरा बेटा मेरा दाहिना हाथ था। एक महीने पहले नाैकरी लगी थी। अपनी पहली सैलरी मेरे हाथ में देने वाला था। मगर दे नहीं पाया, उससे पहले ही बेटे की मौत हो गई। मेरा चिराग बुझ गया। अब काैन तबीयत खराब होने पर डाॅक्टर के पास ले जाएगा। 24 वर्षीय सिद्धांत गोविंदम के पिता यह कहते हुए फफक पड़े। उनके साथ आए लोगों ने किसी तरह संभाला।
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आवास विकास कॉलोनी सेक्टर-7 में रहने वाले सिद्धांत गोविंदम की रविवार को शास्त्रीपुरम में चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। तब से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। इकलौता बेटा था। घर का चिराग बुझने से पिता के आंसू थम नहीं रहे हैं। रो-रोकर बहन की आंखों में सूजन आ गई है। पिता फल मंडी में एक आढ़त में एकाउंटेंट हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में कोरोना में पत्नी सुमन की माैत हो गई थी। अब बेटा चला गया। उनके पास वही एक सहारा था। बेटे ने बीटेक किया था।
उसकी हाल ही में आईटी कंपनी में नाैकरी लगी थी। प्रोग्रामर था। वर्क फ्राॅम होम कर रहा था। बेटे को सोमवार को एक महीना पूरा हो जाता। उसे सैलरी मिल जाती। उसने कहा था कि पहली सैलरी पिता के हाथ में रखेगा। रविवार रात को घर से निकला था। उसे आगरा से बाहर बहन के साथ जाना था। इसलिए अंडर गारमेंट खरीदने थे। 10 मिनट में आने की कहकर निकला था। वह तो वापस नहीं आया। दो घंटे बाद उसकी माैत की खबर जरूर आई। सिद्धांत की बहन को दोपहर तक माैत की जानकारी नहीं दी गई। जब घर शव पहुंचा तो वह फूट-फूटकर रोई।
बियर की बोतल से हमले के बाद मारा चाकू
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि जिस स्थान पर चारों दोस्त गए थे, वहां पर दहतोरा निवासी दिलीप, कन्हैया और बोदला निवासी अभिषेक भी शराब पी रहे थे। अभिषेक सिद्धांत गोविंदम सहित अन्य से सिगरेट पीने के लिए माचिस मांगने गया था। मगर, दोस्तों ने उसे गाली देकर भगाना चाहा। इस पर मारपीट हो गई। कन्हैया ने बियर की बोतल से हमला किया। अभिषेक ने चाकू निकाल लिया। सिद्धांत की हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी भाग गए। पुलिस ने सोमवार को दिलीप और कन्हैया को गिरफ्तार कर लिया।