प्रो. राम प्रकाश शर्मा द्वारा बनाई विसंक्रमित तकनीक
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कोरोना वायरस को हराने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर में कार्यरत अकोला निवासी प्रोफेसर राम प्रकाश शर्मा ने अपनी टीम के साथ नई तकनीक ईजाद की है। एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) जोधपुर ने इसका परीक्षण कर हरी झंडी भी दे दी है।
इस तकनीक के तहत पराबैंगनी किरणों और ऑक्सीकारकों की मदद से उपकरणों को सैनिटाइज किया जा सकेगा। इससे मास्क, एप्रेन, पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट (पीपीई) किट सहित अन्य उपकरण दोबारा उपयोग में लिए जा सकेंगे।
अकोला के रहने वाले डॉ. राम प्रकाश शर्मा और उनकी टीम ने 15 दिन में उपकरण तैयार किया। इसके बाद एम्स जोधपुर में इसका परीक्षण किया गया। इसका पहला परीक्षण एन-95 मास्क के सैनिटाइजेशन में किया गया। यह उपकरण एक दिन में 200 मास्क सैनिटाइज कर सकता है। इससे मास्क की कमी की समस्या दूर की सकेगी।
पांच मिनट में होगा विसंक्रमित
अकोला के रहने वाले परियोजना प्रमुख प्रो. शर्मा ने बताया कि उपकरण को बनाने में डॉ. इंद्रजीत यादव, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के फिजिक्स, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल (यांत्रिक इंजीनियरी) व बायो साइंस विभाग ने मिलकर प्रोजेक्ट शुरू किया।
उन्होंने बताया कि यह एडवांस फोटो कैटाइटिक ऑक्सीडेशन स्ट्रलाइजेशन सिस्टम है, जो पराबैंगनी विकिरणों और धात्विक ऑक्साइड के नैनो कणों पर आधारित है। इसके अंतर्गत एक एसेंबली में पराबैंगनी विकिरणों का स्रोत और एक धात्विक ऑक्साइड के नैनो कणों की परत लगे पैनल समानांतर क्रम में लगाए गए हैं।
पराबैंगनी विकिरण निकल धात्विक पैनल से टकराकर हाईड्रोजन परॉक्साइड, हाईड्रोक्सिल आयन जैसे ऑक्साइड उत्पन्न करती हैं। यह स्ट्रलाइजेशन प्रोसेस को काफी बढ़ा देते हैं। इन दोनों के बीच मास्क या अन्य मेडिकल उपकरण रखकर उसको पांच मिनट में सैनिटाइज किया जा सकता है।
उपकरण बनाने में यह भी रहे शामिल
उपकरण बनाने वाली टीम में प्रो. रामप्रकाश शर्मा के अलावा प्रो. दीपक फुलवानी, प्रो. अंबेश दीक्षित, प्रो. अंकुर गुप्ता, प्रो. शंकर मनोहरन और कुछ शोधार्थी छात्र प्रमुख रूप से शामिल थे। एम्स में माइक्रोबायोलॉजी विभाग की एचओडी प्रो. विजयलक्ष्मी नाग और डॉ. विभोर टाक ने इसका परीक्षण किया।
फ्री में ट्रांसफर कर रहे तकनीक
इस तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए टीम तकनीक को फ्री में ट्रांसफर किया जा रहा है। इसके पीछे मकसद जल्द से जल्द कोरोना वायरस से निपटना है।