ये हैं फर्जीवाड़े, जिनकी एसटीएफ कर रही जांच
- बीएचएमएस के छात्रों का नियम विरुद्ध पुर्न मूल्यांकन कराना। मुख्य परीक्षा में सभी फेल और पुर्न परीक्षा में सभी अच्छे अंकों से पास हुए।
- आर्यभट्ट योजना में अपने चहेतों को भर्ती कर अपात्रों को भर्ती कर मनमाना मानदेय देना।
- विवेकानंद इनक्यूबेशन फाउंडेशन में मैनेजर को फार्मेसी विभागाध्यक्ष से 10 हजार रुपये अधिक वेतन देना।
- विज्ञापन और भुगतान के बिल। योजना और उनके बिल पास करने के मामले।
प्रो. पाठक को मिला कार्य परिषद की बैठक का न्यौता
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की बृहस्पतिवार को होने वाली कार्य परिषद की बैठक में प्रो. पाठक का भी नाम शामिल है। यहां के कुलसचिव ने बाकायदा इनका नाम सूची में शामिल किया है और आमंत्रण भेजा है।
परीक्षा समिति के एजेंडे न रखने की तैयारी
प्रो. पाठक के गलत निर्णयों को बचाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन पूरा सहयोग कर रहा है। गुरुवार को होने वाली कार्य परिषद की बैठक में परीक्षा समिति के मामलों को नहीं रखने की तैयारी की जा रही है। इसमें बीएचएमएस पुर्न मूल्यांकन समेत अन्य मामलों पर अनुमोदन न करने वाले सदस्य विरोध नहीं कर पाएंगे। इनका कार्यकाल एक महीने का है और नई समिति में इनको हटाकर चहेतों को शामिल कर इनको अनुमोदन करने की योजना है।