सूर सरोवर पक्षी विहार को 403 हेक्टेयर से बढ़ाकर 799 हेक्टेयर करने के मामले में एनजीटी ने इसके पास हुए अवैध निर्माणों के प्रति काफी गंभीर है। इसक्रम में प्रदेश सरकार से सूर सरोवर पक्षी विहार के आसपास हुए अवैध निर्माणों का ब्योरा तलब किया है। प्रदेश सरकार से एक माह में हलफनामा मांगा है। अगली सुनवाई के लिए 14 फरवरी की तिथि तय की गई।
सीमा बढ़ाने का नहीं किया पालन
403 हेक्टेयर में फैले सूर सरोवर पक्षी विहार की सीमा बढ़ाने पर सेंट्रल इम्पावर्ड कमेटी की सिफारिशों का पालन न करने पर दायर की गई याचिका पर एनजीटी बेंच ने शनिवार को सुनवाई की। इसमें याचिकाकर्ता डॉ. शरद गुप्ता ने सूरदास रिजर्व वन ब्लॉक 380.558 हेक्टेयर और 14.50 हेक्टेयर सरकारी भूमि को शामिल करने को कहा।
तीन हफ्ते का मांगा समय
प्रदेश सरकार के अधिवक्ता भंवरपाल सिंह जादौन ने बेंच को बताया कि 27 दिसंबर को 380.55 हेक्टेयर की अधिसूचना जारी की गई है, जबकि 14.55 हेक्टेयर के लिए ड्राफ्ट अधिसूचना जारी की गई है। लेकिन इस कार्य में कितना समय लगेगा, इसकी समय सीमा नहीं बताई गई। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से तीन सप्ताह का समय मांगा। एनजीटी बेंच ने एक माह के अंदर अतिरिक्त हलफनामा मांगा है, जिसमें ईको सेंसिटिव जोन से संबंधित ब्योरा देना होगा।