कासगंज। बड़ी संख्या में निराश्रित गोवंश किसानों के लिए मुसीबत साबित हो रहे हैं। खेतों खड़ी फसल को सफाचट करने के साथ-साथ सड़कों पर घूमते हुए राहगीरों पर हमला कर उनकी जान के लिए खतरा बन गए हैं। किसानों की हालत यह कि उन्हें अपनी फसल को इनसे बचाने के लिए खेतों पर रुककर रात में खेतों की चौकीदारी करनी पड़ रही है। दरअसल, जिले में करीब दो हजार से अधिक निराश्रित गोवंश विभिन्न मार्गों के अलावा गंगा की खादर के इलाके व अन्य क्षेत्रों में छुट्टा घूमते हैं। ये खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कुछ स्थानों पर पूरी फसल तक सफाचट कर देते हैं। किसान इससे परेशान हैं। प्रमुख रूप से सिढ़पुरा, पटियाली, गंजडुंडवारा, सोरोंजी, ढोलना, मोहनपुरा, नगरिया क्षेत्र शामिल हैं। निराश्रित गोवंश को रोकने के लिए किसानों ने खेतों में बल्लियां लगाकर बेरिकेडिंग की है। किसान रात के समय खेत पर रुककर फसल की रखवाली करते हैं। सर्दियों में किसानों की मुश्किलें और बढ़ेंगी। वहीं, कई बार किसान छुट्टा पशुओं के हमले में राहगीर घायल हो चुके हैं। कई मामलों में उनकी जान भी चली गई।