कासगंज में केनरा बैंक गोल्ड लोन घोटाले की प्रशासनिक जांच तकरीबन पूरी हो चुकी है। तीन सदस्यीय टीम के दो सदस्यों ने जांच आख्या लगा दी है। अब करीब ढाई करोड़ रुपये के लोन घोटाले की जांच पर सहावर के एसडीएम अंतिम मुहर लगाएंगे। मामले में पुलिस जेल में बंद आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
बैंक के वैल्युअर राहुल देव की संस्तुति पर बैंक मैनेजर मनोज कुमार ने नकली सोने पर लोन दे दिया, जिसमें लाखों रुपये का गोल्ड लोन घोटाला किया गया। जब घोटाले की एक परत खुली फिर तो फर्जीवाड़े की लंबी सूची निकली। मामले में केनरा बैंक उच्चाधिकारियों ने जांच की।
डीएम आरपी सिंह ने सहावर के तत्कालीन एसडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम बनाई। लीड बैंक मैनेजर और कोषाधिकारी को भी इस टीम में शामिल किया गया। मामले में प्रशासनिक जांच शुरू ही हो पाई थी कि एसडीएम का स्थानांतरण इलाहाबाद जिले के लिए हो गया। इसके बाद यह जांच उलझी हुई थी।