कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव ने पालीखेड़ा में किसान महापंचायत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी पर किए तीखे हमले, बोलीं, प्रधानमंत्री हवाई जहाज खरीद सकते हैं लेकिन गन्ना किसानों का भुगतान नहीं कर सकते, कृषि कानून नोटों की खेती करने वालों ने तैयार किए हैं। यह कानून प्रधानमंत्री के अमीर मित्रों के लिए बने हैं।
कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव ने पालीखेड़ा में किसान महापंचायत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी पर किए तीखे हमले, बोलीं, प्रधानमंत्री हवाई जहाज खरीद सकते हैं लेकिन गन्ना किसानों का भुगतान नहीं कर सकते, कृषि कानून नोटों की खेती करने वालों ने तैयार किए हैं। यह कानून प्रधानमंत्री के अमीर मित्रों के लिए बने हैं। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने मंगलवार को मथुरा के पालीखेड़ा मैदान पर किसान महापंचायत में सीधे तौर पर प्रधानमंत्री मोदी पर वार किए।
कृषि कानून नोटों की खेती करने वालों ने तैयार किए हैं। यह कानून प्रधानमंत्री के अमीर मित्रों के लिए बने हैं। पूरी दुनिया में घूमने वाले प्रधानमंत्री दिल्ली में रहते हुए भी किसानों के पास तक नहीं गए। इससे उनका अहंकार जाहिर होता है।भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर इंद्र के अहंकार को तोड़ा था, अब कृष्ण ही प्रधानमंत्री का अहंकार दूर करेंगे।
प्रियंका ने श्रीबांकेबिहारी महाराज की जय, गिरिराज महाराज की जय व जमुना मइया की जय से अपना संबोधन शुरू किया। कहा कि यह भगवान श्रीकृष्ण की पवित्र धरती है। भगवान कृष्ण ने इंद्र के अहंकार को तोड़ने के लिए गोवर्धन पर्वत को उठाया था। इस सरकार का अंत भी इसी तरह से होगा।
ये कृषि कानून अमीर दोस्तों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री के मित्रों ने फसल बीमा के नाम पर 26 हजार करोड़ रुपये कमाए हैं।
प्रधानमंत्री ने अमीर मित्रों के 8 लाख करोड़ रुपये तो माफ कर दिए, लेकिन एक भी किसान का कर्ज माफ नहीं किया। ऐसा लगता है कि मोदी की किसानों से दुश्मनी है।
किसान अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे तो उनका मजाक उड़ाया जा रहा। प्रियंका ने किसानों से कहा कि आपकी लड़ाई में मैं आपके साथ हूं। कांग्रेस ने देश के लिए बहुत कुछ किया, लेकिन पीएम ने तो देश को ही बेच डाला।
खुद के लिए 16 हजार करोड़ रुपये के दो जहाज खरीद लिए लेकिन गन्ना किसानों का 15 हजार करोड़ रुपये का बकाया भुगतान अभी तक नहीं कराया।
प्रियंका ने बजट पर निशाना साधते हुए कहा कि एलआईसी, एअर इंडिया, बंदरगाह, भारत पेट्रोलियम, बीएसएनएल सब बिक गए हैं। किसानों के लिए कुछ नहीं किया गया।
गोशाला के लिए पैसा दिया लेकिन उसका फायदा नहीं मिला। भाजपा ने देश को बेचने की ठान ली है। पता नहीं कल को गोवर्धन पर्वत को ही न बेच डाले।
पीएम ने देश की संसद में किसानों का मजाक उड़ाया और आंदोलनजीवी-परजीवी और न जाने क्या-क्या कहा। सभा के अंत में आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों के लिए दो मिनट का मौन भी रखा गया।