कासगंज। निजी फाइनेंस कंपनियों में अपना धन जमा करने वाले निवेशको के फाइनेंस कंपनियों ने सपने चूर कर दिए। किसी ने अपनी बेटी की शादी के लिए धन जमा किया तो किसी ने अपने बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए। तहसीलों पर खोले गए शिकायत पटल के बाद निवेशकों को अपना धन वापस मिलने की आस बंधी है। तीनों तहसीलों में अब तक 11 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज लोगों ने कराई है।
जिले के तमाम निवेशकों को नामी गिरामी फाइनेंस कंपनियां चूना लगा चुकी हैं। सरकार के द्वारा उत्तर प्रदेश वित्तीय अधिष्ठानों में जमाकर्ता वित्त संरक्षण अधिनियम 2016 के अंतर्गत सभी तहसीलों में साहूकारी पटल स्थापित करने के बाद से लगातार निवेशक शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। निवेशक अपना काम काज छोड़कर तहसीलों में दस्तक दे रहे हैं ताकि उनकी शिकायत दर्ज हो सके और उनका डूबा हुआ धन वापस मिल सके। तीनों तहसीलों में अब तक 11 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।
प्रतिदिन ही बड़ी संख्या में निवेशक तहसीलों पर पहुंच रहे हैं। तहसीलों पर शिकायत जमा करने के लिए अलग से पटल की व्यवस्था की गई है। पटल पर निवेशकों से तीन प्रतियों में शिकायत दर्ज की जा रही है। जो भी शिकायतें आ रही हैं उनको सूचीबद्व भी किया जा रहा है।
- मैंने अपने बच्चों के भविष्य के लिए दो अलग अलग फाइनेंस कंपनियों में 90 हजार रुपये जमा किए। समय पूरा होने के बाद धन तो नहीं मिला। फाइनेंस कंपनियां ही चली गई। अब शिकायत दर्ज होने से धन वापसी की आस बंधी है। देव सिंह, निवेशक
- मैंने नामी कंपनियां होने की वजह से भरोसा करके अपनी बेटी की शादी के लिए दो अलग अलग कंपनियों में 2.5 लाख रुपये जमा किए। दोनों फाइनेंस कंपनियां जिले से चली गई। जिससे बेटी की शादी की चिंता सताने लगी। अब उम्मीद बंधी है। विनय, निवेशक